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Rajya Sabha By-Elections: JDU नेता अनिल हेगड़े निर्विरोध चुने गए राज्यसभा सदस्य, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दी बधाई

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वीडियो डेस्क/अमर उजाला डॉट कॉम Published by: सुरेश शाह Updated Tue, 24 May 2022 11:10 AM IST

जनता दल यूनाइटेड के उम्मीदवार अनिल हेगड़े ने सोमवार को निर्विरोध राज्यसभा सदस्य का चुनाव जीत लिया है। अनिल हेगड़े ने बिहार विधानसभा परिसर से अपने विजेता का प्रमाण पत्र ले लिया है। आयोग के निर्वाची अधिकारी और विधानसभा के सचिव शैलेंद्र सिंह ने नाम वापसी का समय समाप्त होने के बाद हेगड़े को प्रमाण पत्र सौंप दिया। जिसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। हेगड़े का कार्यकाल 2 अप्रैल 2024 तक है।

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फिर राजगीर में नीतीश: बार-बार मगध की राजधानी क्यों जाते हैं बिहार के सीएम, हर बार यहीं से पलटी सियासत

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सार

साल 2013 में नीतीश कुमार राजगीर प्रवास पर गए थे और भाजपा का दामन छोड़ लालू प्रसाद यादव के साथ मिलकर महागठबंधन को आकार दिया था। साल 2017 में भी नीतीश कुमार राजगीर गए थे और महागठबंधन छोड़ने का निर्णय लिया था। 

ख़बर सुनें

कभी मगध साम्राज्य की राजधानी रहा बिहार का राजगीर शहर एक बार फिर से चर्चा में है। नालंदा जिले के इस ऐतिहासिक शहर का जितना धार्मिक महत्व है, उतना ही राजनीतिक भी। दरअसल, बिहार के सीएम नीतीश कुमार सोमवार को अपने राजगीर प्रवास पर चले गए हैं। जब से नीतीश कुमार बिहार की सत्ता संभाल रहे हैं, तब से राजनीतिक ऊहापोह की स्थिति में वे राजगीर प्रवास पर ही चले जाते हैं। अक्सर वे यहीं से बड़े फैसले लेते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि नीतीश कुमार फिर से कोई बड़ा झटका दे सकते हैं। 

पहले से है ऊहापोह की स्थिति 
बिहार की राजनीति में इन दिनों ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जदयू के सभी विधायकों को 72 घंटे तक पटना में रहने का आदेश दिया है तो वहीं 27 मई को उन्होंने जातिगत जनगणना पर सर्वदलीय बैठक भी बुला ली है। पिछले कुछ घटनाक्रमों को देखें तो नीतीश की राजद से नजदीकी बढ़ रही है और वे अपने सहयोगी दल भाजपा से नाराज चल रहे हैं। अगर ये सभी कड़ियां एकसाथ जोड़ी जाएं तो यही संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले कुछ दिनों में बिहार की राजनीति में कुछ बड़ा होने वाला है।

राजगीर से ही बड़े एलान करते हैं नीतीश 
नीतीश कुमार को जब भी कोई बड़ा राजनीतिक फैसला लेना होता है तो वह राजगीर शहर को ही चुनते हैं। वे यहीं से बड़े एलान करते आए हैं। साल 2013 में भी नीतीश कुमार राजगीर प्रवास पर गए थे और अपने फैसले से सबको चौंका दिया था। नीतीश कुमार ने एनडीए कोटे के तमाम मंत्रियों को एक ही झटके में बर्खास्त कर दिया था और भाजपा का दामन छोड़ लालू प्रसाद यादव के साथ मिलकर महागठबंधन को आकार दिया था। 

2017 में भी लिया था बड़ा फैसला 
साल 2017 में भी नीतीश कुमार राजगीर गए थे। यहीं से एक फैसला लेकर एक बार फिर उन्होंने सबको चौंका दिया था। तब नीतीश कुमार ने महागठबंधन छोड़ने का निर्णय लिया था। वे एक बार फिर से भाजपा के साथ हो लिए थे। भाजपा के सहयोग से एक बार फिर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने। 

आरसीपी सिंह को लेकर है विवाद 
हालिया विवाद की जड़ केंद्र सरकार में मंत्री और राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह बताए जा रहे हैं। दरअसल, आरसीपी का राज्यसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है। ऐसे में भाजपा उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजने पर विचार कर रही है, लेकिन इसके लिए उसे जदयू का समर्थन चाहिए होगा। हालांकि, जदयू आरसीपी सिंह को राज्यसभा नहीं भेजना चाहती है। ऐसे में यह विवाद बढ़ता ही जा रहा है और नीतीश कुमार राजगीर दौरे पर चले गए हैं।

राजगीर का क्या है महत्व
बिहार के नालंदा जिले का एक छोटा सा शहर है राजगीर। अगर ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व की बात की जाए तो ये जैन, बौद्ध और हिंदू धर्मावलंबियों का तीर्थ है। खासतौर पर इस शहर का संबंध बौद्ध धर्म से है। पौराणिक साहित्य के अनुसार राजगीर बह्मा की पवित्र यज्ञ भूमि, संस्कृति और वैभव का केन्द्र है। भगवान बुद्ध की साधनाभूमि राजगीर में ही है। मगध साम्राज्य की राजधानी राजगीर ही थी।

विस्तार

कभी मगध साम्राज्य की राजधानी रहा बिहार का राजगीर शहर एक बार फिर से चर्चा में है। नालंदा जिले के इस ऐतिहासिक शहर का जितना धार्मिक महत्व है, उतना ही राजनीतिक भी। दरअसल, बिहार के सीएम नीतीश कुमार सोमवार को अपने राजगीर प्रवास पर चले गए हैं। जब से नीतीश कुमार बिहार की सत्ता संभाल रहे हैं, तब से राजनीतिक ऊहापोह की स्थिति में वे राजगीर प्रवास पर ही चले जाते हैं। अक्सर वे यहीं से बड़े फैसले लेते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि नीतीश कुमार फिर से कोई बड़ा झटका दे सकते हैं। 

पहले से है ऊहापोह की स्थिति 

बिहार की राजनीति में इन दिनों ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जदयू के सभी विधायकों को 72 घंटे तक पटना में रहने का आदेश दिया है तो वहीं 27 मई को उन्होंने जातिगत जनगणना पर सर्वदलीय बैठक भी बुला ली है। पिछले कुछ घटनाक्रमों को देखें तो नीतीश की राजद से नजदीकी बढ़ रही है और वे अपने सहयोगी दल भाजपा से नाराज चल रहे हैं। अगर ये सभी कड़ियां एकसाथ जोड़ी जाएं तो यही संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले कुछ दिनों में बिहार की राजनीति में कुछ बड़ा होने वाला है।

राजगीर से ही बड़े एलान करते हैं नीतीश 

नीतीश कुमार को जब भी कोई बड़ा राजनीतिक फैसला लेना होता है तो वह राजगीर शहर को ही चुनते हैं। वे यहीं से बड़े एलान करते आए हैं। साल 2013 में भी नीतीश कुमार राजगीर प्रवास पर गए थे और अपने फैसले से सबको चौंका दिया था। नीतीश कुमार ने एनडीए कोटे के तमाम मंत्रियों को एक ही झटके में बर्खास्त कर दिया था और भाजपा का दामन छोड़ लालू प्रसाद यादव के साथ मिलकर महागठबंधन को आकार दिया था। 

2017 में भी लिया था बड़ा फैसला 

साल 2017 में भी नीतीश कुमार राजगीर गए थे। यहीं से एक फैसला लेकर एक बार फिर उन्होंने सबको चौंका दिया था। तब नीतीश कुमार ने महागठबंधन छोड़ने का निर्णय लिया था। वे एक बार फिर से भाजपा के साथ हो लिए थे। भाजपा के सहयोग से एक बार फिर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने। 

आरसीपी सिंह को लेकर है विवाद 

हालिया विवाद की जड़ केंद्र सरकार में मंत्री और राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह बताए जा रहे हैं। दरअसल, आरसीपी का राज्यसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है। ऐसे में भाजपा उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजने पर विचार कर रही है, लेकिन इसके लिए उसे जदयू का समर्थन चाहिए होगा। हालांकि, जदयू आरसीपी सिंह को राज्यसभा नहीं भेजना चाहती है। ऐसे में यह विवाद बढ़ता ही जा रहा है और नीतीश कुमार राजगीर दौरे पर चले गए हैं।

राजगीर का क्या है महत्व

बिहार के नालंदा जिले का एक छोटा सा शहर है राजगीर। अगर ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व की बात की जाए तो ये जैन, बौद्ध और हिंदू धर्मावलंबियों का तीर्थ है। खासतौर पर इस शहर का संबंध बौद्ध धर्म से है। पौराणिक साहित्य के अनुसार राजगीर बह्मा की पवित्र यज्ञ भूमि, संस्कृति और वैभव का केन्द्र है। भगवान बुद्ध की साधनाभूमि राजगीर में ही है। मगध साम्राज्य की राजधानी राजगीर ही थी।

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क्या नीतीश फिर मारेंगे पलटी?

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जातिगत जनगणना को लेकर तेजस्वी यादव सरकार पर दबाव भी बना रहे हैं। वहीं सीएम नीतीश के साथ उनकी नजदीकी भी देखी जा रही है।

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बिहार: मुंगेर में 22 एके 47 मिलने के मामले में कोर्ट का फैसला, दो दोषियों को 10 साल की सजा

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 23 May 2022 03:47 PM IST

सार

इससे पहले 18 मई को कोतवाली थाना में दर्ज कांड संख्या 555/18 में अदालत में चल रहे सत्र वाद संख्या 172/21 में 12 आरोपियों की सजा पर सुनवाई हुई थी।


प्रतीकात्मक
– फोटो : social media

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विस्तार

बिहार के मुंगेर में 22 एके 47 मिलने के मामले में कोर्ट ने दो दोषियों को 10 साल की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों को 10-10 साल की कारावास और 2-2 हजार रुपए का आर्थिक दंड सुनाया गया है। इस मामले में दर्ज हुए अन्य 7 मामलों में सुनवाई चल रही है। अदालत का ये फैसला चार साल बाद आया है।

इससे पहले 18 मई को कोतवाली थाना में दर्ज कांड संख्या 555/18 में अदालत में चल रहे सत्र वाद संख्या 172/21 में 12 आरोपियों की सजा पर सुनवाई हुई थी। इसमें दो आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में इस केस से रिहा कर दिया गया।

हालांकि, रिहा किए गए आरोपी फिलहाल जेल में ही रहने का आदेश दिया गया था, क्योंकि एके 47 मामले में दर्ज कुल आठ मामलों में से सात में इन सभी आरोपियों के नाम शामिल हैं। दोषियों के खिलाफ सजा के बिंदु पर अगली तारीख में सुनवाई का फैसला अदालत ने सुनाया।

अदालत ने कोतवाली कांड संख्या 555/18 में सुनवाई करते हुए 12 अभियुक्तों के खिलाफ अंतिम सुनवाई करते हुए अभियुक्त कमेला रोड दिलावरपुर निवासी मोहम्मद इरशाद अहमद और सफदलपुर बेगूसराय निवासी सत्यम कुमार यादव को दोषी करार दिया गया है। दोनों आरोपियों को सजा के बिंदु पर अगली तारीख को सुनवाई होगी। वहीं साक्ष्य के अभाव में सात महिलाओं सहित 10 आरोपियों को रिहा कर दिया गया।

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Rajya Sabha By-Election: जदयू नेता अनिल हेगड़े ने निर्विरोध राज्यसभा सदस्य निर्वाचित, महेंद्र प्रसाद के निधन के बाद खाली हुई थी सीट

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: विजय पुंडीर
Updated Mon, 23 May 2022 09:20 PM IST

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जेडीयू उम्मीदवार अनिल हेगड़े ने सोमवार को निर्विरोध राज्यसभा सदस्य का चुनाव जीत लिया है। हेगड़े ने बिहार विधानसभा परिसर से अपने विजेता का प्रमाण पत्र ले लिया है। जिसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। हेगड़े का कार्यकाल 2 अप्रैल 2024 तक है।
 
हेगड़े ने निर्विरोध राज्यसभा सदस्य का चुनाव जीतने के बाद सीएम नीतीश कुमार, राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह, संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाह का आभार व्यक्त किया। जेडीयू मंत्री श्रवण ने हेगड़े की उम्मीदवारी को लेकर कहा कि जमीनी कार्यकर्ता को उम्मीदवार बनाए जाने पर वह खुश हैं और इसके लिए वह सीएम नीतीश और और ललन सिंह का आभार प्रकट करते हैं।
   
गौरतलब है कि महेंद्र प्रसाद यानी किंग महेंद्र के निधन के बाद यह सीट खाली थी। जेडीयू ने जॉर्ज फर्नांडीस के सहयोगी अनिल हेगड़े को राज्यसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया था। हेगड़े पिछले 38 साल से पार्टी के लिए काम करते आ रहे हैं। जॉर्ज फर्नांडिस के साथ हेगडे बचपन से काम करते आये हैं।

बता दें कि राज्यसभा में उपचुनाव के लिए अनिल हेगडे एकमात्र उम्मीदवार थे, लिहाजा उनका निर्विरोध निर्वाचन तय था। 

जेडीयू उम्मीदवार अनिल हेगड़े ने सोमवार को निर्विरोध राज्यसभा सदस्य का चुनाव जीत लिया है। हेगड़े ने बिहार विधानसभा परिसर से अपने विजेता का प्रमाण पत्र ले लिया है। जिसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। हेगड़े का कार्यकाल 2 अप्रैल 2024 तक है।

 

हेगड़े ने निर्विरोध राज्यसभा सदस्य का चुनाव जीतने के बाद सीएम नीतीश कुमार, राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह, संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाह का आभार व्यक्त किया। जेडीयू मंत्री श्रवण ने हेगड़े की उम्मीदवारी को लेकर कहा कि जमीनी कार्यकर्ता को उम्मीदवार बनाए जाने पर वह खुश हैं और इसके लिए वह सीएम नीतीश और और ललन सिंह का आभार प्रकट करते हैं।

   

गौरतलब है कि महेंद्र प्रसाद यानी किंग महेंद्र के निधन के बाद यह सीट खाली थी। जेडीयू ने जॉर्ज फर्नांडीस के सहयोगी अनिल हेगड़े को राज्यसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया था। हेगड़े पिछले 38 साल से पार्टी के लिए काम करते आ रहे हैं। जॉर्ज फर्नांडिस के साथ हेगडे बचपन से काम करते आये हैं।

बता दें कि राज्यसभा में उपचुनाव के लिए अनिल हेगडे एकमात्र उम्मीदवार थे, लिहाजा उनका निर्विरोध निर्वाचन तय था। 

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बिहार: चर्चित जिम ट्रेनर गोलीकांड मामले में खुशबू सिंह को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: विजय पुंडीर
Updated Mon, 23 May 2022 09:58 PM IST

सार

जिम ट्रेनर के वकील द्विवेदी सुरेंद्र ने बताया कि जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की डबल बेंच ने खुशबू सिंह को मुख्य आरोपी और साजिशकर्ता मानते हुए नियमित जमानत याचिका को खारीज कर दिया।

ख़बर सुनें

पटना के जिम ट्रेनर गोलीकांड मामले में जेल में बंद खुसबू सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया है। खुशबू सिंह की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में नियमित जमानत के लिए अपील दायर की थी। सोमवार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने खुशबू सिंह को झटका देते हुए नियमित जमानत देने से इनकार कर दिया।
 
जिम ट्रेनर के वकील द्विवेदी सुरेंद्र ने बताया कि जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की डबल बेंच ने खुशबू सिंह को मुख्य आरोपी और साजिशकर्ता मानते हुए नियमित जमानत याचिका को खारीज कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि हाईकोर्ट के आदेश में कोई त्रुटि नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पटना हाईकोर्ट ने नियमित जमानत देने से मना करने का जो आधार बताया था, वह सही है। इसमें किसी भी तरह का हस्तक्षेप करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
 
बता दें कि 13 अप्रैल को पटना हाईकोर्ट ने इस मामले में खुशबू सिंह की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। साथ ही ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया था कि वह 9 महीने में इस मामले का ट्रायल पूरा करे।
 
जिम ट्रेनर पर बरसाई ताबड़तोड़ गोलियां
घटना 18 सितंबर की है। कदमकुआं इलाके में पहले से ही अपराधी छिपकर जिम ट्रेनर विक्रम सिंह का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही विक्रम अपराधियों के नजदीक आया तो उन्होंने जिम ट्रेनर पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी। विक्रम को 5 गोली लगी। जिसके बाद इसे अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। विक्रम की जान बच गई।

खुशबू का पति जमानत पर है बाहर
कुछ ही देर में यह बिहार का चर्चित मामला बन गया। क्योंकि इस मामले में पटना के प्रसिद्ध फिजियोथेरेपिस्ट राजीव सिंह और उनकी पत्नी खुशबू सिंह का नाम सामने आया। इस मामले में पुलिस ने खुशबू और उसके पति के अलावा कई अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। जिनमें से सिर्फ खुशबू का पति राजीव जमानत पर बाहर है।

विस्तार

पटना के जिम ट्रेनर गोलीकांड मामले में जेल में बंद खुसबू सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया है। खुशबू सिंह की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में नियमित जमानत के लिए अपील दायर की थी। सोमवार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने खुशबू सिंह को झटका देते हुए नियमित जमानत देने से इनकार कर दिया।

 

जिम ट्रेनर के वकील द्विवेदी सुरेंद्र ने बताया कि जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की डबल बेंच ने खुशबू सिंह को मुख्य आरोपी और साजिशकर्ता मानते हुए नियमित जमानत याचिका को खारीज कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि हाईकोर्ट के आदेश में कोई त्रुटि नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पटना हाईकोर्ट ने नियमित जमानत देने से मना करने का जो आधार बताया था, वह सही है। इसमें किसी भी तरह का हस्तक्षेप करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

 

बता दें कि 13 अप्रैल को पटना हाईकोर्ट ने इस मामले में खुशबू सिंह की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। साथ ही ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया था कि वह 9 महीने में इस मामले का ट्रायल पूरा करे।

 

जिम ट्रेनर पर बरसाई ताबड़तोड़ गोलियां

घटना 18 सितंबर की है। कदमकुआं इलाके में पहले से ही अपराधी छिपकर जिम ट्रेनर विक्रम सिंह का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही विक्रम अपराधियों के नजदीक आया तो उन्होंने जिम ट्रेनर पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी। विक्रम को 5 गोली लगी। जिसके बाद इसे अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। विक्रम की जान बच गई।

खुशबू का पति जमानत पर है बाहर

कुछ ही देर में यह बिहार का चर्चित मामला बन गया। क्योंकि इस मामले में पटना के प्रसिद्ध फिजियोथेरेपिस्ट राजीव सिंह और उनकी पत्नी खुशबू सिंह का नाम सामने आया। इस मामले में पुलिस ने खुशबू और उसके पति के अलावा कई अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। जिनमें से सिर्फ खुशबू का पति राजीव जमानत पर बाहर है।

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Land Dispute: बिहार में जमीन विवाद में आरजेडी के पूर्व विधायक के बेटे ने की फायरिंग, वीडियो वायरल, पुलिस ने अस्पताल से किया गिरफ्तार

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सार

गया जिले के मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के पांडे परसावां गांव में जमीन पर कब्जे को लेकर पूर्व आरजेडी विधायक शिवबचन यादव के बेटे शक्ति यादव ने विरोधियों पर फायरिंग कर दी। फायरिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एसएसपी ने पूर्व विधायक के बेटे को गिरफ्तार कर लिया है।

ख़बर सुनें

बिहार के गया में मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के पांडे परसावां गांव में जमीन पर कब्जे को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के पूर्व विधायक शिवबचन यादव के बेटे शक्ति यादव ने विरोधियों पर फायरिंग कर दी। फायरिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। घटना रविवार की है। 

फायरिंग की वीडियो व घटना की सूचना पर एसएसपी के निर्देश पर मगध मेडिकल थाना पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर छानबीन शुरू की। पूर्व विधायक फरार हैं, वहीं उनके घायल बेटे का अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां से उसे हिरासत में ले लिया गया है।
 

 

दहशत फैलाने के लिए की फायरिंग
बताया जा रहा है कि मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के पांडे परसावां गांव में जमीन का विवाद था। जमीन की नाप के दौरान पूर्व आरजेडी विधायक शिवबचन यादव और उनका बेटा शक्ति यादव अपने सहयोगियों के साथ वहां पहुंचा और दहशत फैलाने के लिए फायरिंग कर दी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई।
 

दोनों पक्षों से हुई गिरफ्तारी
पूर्व विधायक के बेटे घायल शक्ति यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल के कैदी वार्ड में उनका इलाज जारी है। वहीं पूर्व विधायक घटना के बाद से फरार हैं। मौके पर उनके एक वाहन को आक्रोशित ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त कर दिया।

गया जिले की एसएसपी हरप्रीत कौर ने बताया की मेडिकल थाना क्षेत्र में किसी जमीन की मापी के दौरान पूर्व विधायक शिवबचन यादव के बेटे शक्ति यादव के द्वारा फायरिंग की गई थी। वायरल वीडियो प्राप्त हुआ है। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी दर्ज कर दोनों ओर से एक-एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया की पुलिस अभिरक्षा में पूर्व विधायक के बेटे शक्ति यादव का इलाज चल रहा है। वहीं पूर्व विधायक व शेष की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।

विस्तार

बिहार के गया में मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के पांडे परसावां गांव में जमीन पर कब्जे को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के पूर्व विधायक शिवबचन यादव के बेटे शक्ति यादव ने विरोधियों पर फायरिंग कर दी। फायरिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। घटना रविवार की है। 

फायरिंग की वीडियो व घटना की सूचना पर एसएसपी के निर्देश पर मगध मेडिकल थाना पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर छानबीन शुरू की। पूर्व विधायक फरार हैं, वहीं उनके घायल बेटे का अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां से उसे हिरासत में ले लिया गया है।

 

 

दहशत फैलाने के लिए की फायरिंग

बताया जा रहा है कि मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के पांडे परसावां गांव में जमीन का विवाद था। जमीन की नाप के दौरान पूर्व आरजेडी विधायक शिवबचन यादव और उनका बेटा शक्ति यादव अपने सहयोगियों के साथ वहां पहुंचा और दहशत फैलाने के लिए फायरिंग कर दी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई।

 

दोनों पक्षों से हुई गिरफ्तारी

पूर्व विधायक के बेटे घायल शक्ति यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल के कैदी वार्ड में उनका इलाज जारी है। वहीं पूर्व विधायक घटना के बाद से फरार हैं। मौके पर उनके एक वाहन को आक्रोशित ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त कर दिया।

गया जिले की एसएसपी हरप्रीत कौर ने बताया की मेडिकल थाना क्षेत्र में किसी जमीन की मापी के दौरान पूर्व विधायक शिवबचन यादव के बेटे शक्ति यादव के द्वारा फायरिंग की गई थी। वायरल वीडियो प्राप्त हुआ है। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी दर्ज कर दोनों ओर से एक-एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया की पुलिस अभिरक्षा में पूर्व विधायक के बेटे शक्ति यादव का इलाज चल रहा है। वहीं पूर्व विधायक व शेष की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।

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Purnia Road Accident: 16 लोगों को जम्मू-कश्मीर ले जा रहा ट्रक पलटा, राजस्थान के आठ मजदूरों की मौत

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Mon, 23 May 2022 08:51 AM IST

सार

बताया जा रहा है कि ट्रक सिलीगुड़ी से जम्मू-कश्मीर जा रहा था। पूर्णिया के जलालगढ़ में यह अनियंत्रित हो गया। इस हादसे में आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अन्य घायल हो गए।

ख़बर सुनें

बिहार के पूर्णिया जिले में सोमवार को बड़ा हादसा हो गया है। यहां 16 मजदूरों को जम्मू-कश्मीर ले जा रहा ट्रक पलट गया। इस हादसे में आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अन्य घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक, घायलों में दो की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। बताया जा रहा है कि ट्रक सिलीगुड़ी से जम्मू-कश्मीर जा रहा था। पूर्णिया के जलालगढ़ में यह अनियंत्रित हो गया। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने राहत कार्य शुरू कर दिया है।  

लोहे के पाइप के नीचे दब गए मजूदर
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना स्थल से शवों को निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। वहीं घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। बताया कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसा किस वजह से हुआ।अधिकारियों ने बताया कि ट्रक पर बोरिंग का सामान लदा हुआ था। इसमें लोहे के पाइप थे। अनियंत्रित होकर ट्रक पलट गया, जिससे मजदूर इन पाइपों के नीचे दब गए और उनकी मौत हो गई। 

तेज रफ्तार में था ट्रक
वहीं स्थानीय लोगों के मुताबिक, ट्रक की रफ्तार बेहद तेज थी। अंदाजा लगाया जा रहा है कि सुबह-सुबह ट्रक ड्राइवर को नींद आ गई होगी, जिससे वह ट्रक पर अपना संतुलन खो बैठा और हादसे का शिकार हो गया। मौके की तस्वीरें बहुत दर्दनाक हैं। बताया जा रहा है कि सभी मजदूर राजस्थान के उदयपुर के खैरवाड़ा के रहने वाले थे।

विस्तार

बिहार के पूर्णिया जिले में सोमवार को बड़ा हादसा हो गया है। यहां 16 मजदूरों को जम्मू-कश्मीर ले जा रहा ट्रक पलट गया। इस हादसे में आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अन्य घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक, घायलों में दो की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। बताया जा रहा है कि ट्रक सिलीगुड़ी से जम्मू-कश्मीर जा रहा था। पूर्णिया के जलालगढ़ में यह अनियंत्रित हो गया। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने राहत कार्य शुरू कर दिया है।  

लोहे के पाइप के नीचे दब गए मजूदर

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना स्थल से शवों को निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। वहीं घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। बताया कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसा किस वजह से हुआ।अधिकारियों ने बताया कि ट्रक पर बोरिंग का सामान लदा हुआ था। इसमें लोहे के पाइप थे। अनियंत्रित होकर ट्रक पलट गया, जिससे मजदूर इन पाइपों के नीचे दब गए और उनकी मौत हो गई। 

तेज रफ्तार में था ट्रक

वहीं स्थानीय लोगों के मुताबिक, ट्रक की रफ्तार बेहद तेज थी। अंदाजा लगाया जा रहा है कि सुबह-सुबह ट्रक ड्राइवर को नींद आ गई होगी, जिससे वह ट्रक पर अपना संतुलन खो बैठा और हादसे का शिकार हो गया। मौके की तस्वीरें बहुत दर्दनाक हैं। बताया जा रहा है कि सभी मजदूर राजस्थान के उदयपुर के खैरवाड़ा के रहने वाले थे।

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Bihar: सियासी उठापटक के बीच नीतीश का बड़ा फैसला, जातिगत जनगणना पर 27 मई को बुलाई सर्वदलीय बैठक

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Mon, 23 May 2022 12:57 PM IST

सार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया, 27 मई को होने वाली बैठक पर कुछ दलों के साथ बातचीत हुई है। वहीं अन्य दलों की प्रतिक्रिया का इंतजार है। 


सीएम नीतीश कुमार
– फोटो : पीटीआई

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विस्तार

बिहार में जारी सियासी उठापटक के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 27 मई को जाति आधारित जनगणना पर सर्वदलीय बैठक बुलाई है। उन्होंने बताया कि बैठक में सभी से राय ली जाएगी। इसके बाद प्रस्ताव को राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष पेश किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 27 मई को होने वाली बैठक पर कुछ दलों के साथ बातचीत हुई है। वहीं अन्य दलों की प्रतिक्रिया का इंतजार है। 

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Agitation on Railway Tracks: बड़हिया स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव को लेकर धरना-प्रदर्शन, 10 ट्रेनें रद्द, 30 का बदला रूट

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सार

लखीसराय के जिलाधिकारी संजय कुमार के मुताबिक, पटना से करीब 120 किलोमीटर दूर बड़हिया स्टेशन पर अपनी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में लोग पटरियों पर बैठ गए हैं। आंदोलनकारी स्थानीय यात्रियों की सुविधा के लिए कई एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव करने की मांग कर रहे हैं, जिनका वहां पहले कोई ठहराव नहीं था।

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पूर्व मध्य रेलवे (ईसीआर) के मोकामा-किउल खंड पर बड़हिया रेलवे स्टेशन पर रविवार को धरना-प्रदर्शन के कारण बिहार में करीब 10 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया और 30 का मार्ग बदल दिया गया या निर्धारित गंतव्य से पहले उसकी यात्रा पूरी (शॉर्ट टर्मिनेट) कर दी गई।

देर रात तक रेलवे ट्रैक पर मौजूद हैं प्रदर्शनकारी
पूर्व-मध्य रेलवे, हाजीपुर के सीपीआरओ बीरेंद्र कुमार ने कहा कि “प्रदर्शनकारी रविवार देर रात तक रेलवे ट्रैक पर मौजूद हैं, हम उनसे बात कर रहे हैं। वे आठ ट्रेनों को तत्काल रोकने की मांग कर रहे हैं। हम उसी पर चर्चा कर रहे हैं।”

ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन
लखीसराय के जिलाधिकारी संजय कुमार के मुताबिक, पटना से करीब 120 किलोमीटर दूर बड़हिया स्टेशन पर अपनी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में लोग पटरियों पर बैठ गए हैं। आंदोलनकारी स्थानीय यात्रियों की सुविधा के लिए कई एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव करने की मांग कर रहे हैं, जिनका वहां पहले कोई ठहराव नहीं था।

डीएम-एसपी के मनाने के बावजूद रेल पटरियों पर से हटने को तैयार नहीं
जिलाधिकारी और रेलवे पुलिस उपाधीक्षक इमरान परवेज द्वारा आंदोलनकारियों को अपना आंदोलन वापस लेने के लिए मनाने के प्रयासों का कोई नतीजा नहीं निकला और शाम होने के बाद उन्होंने पीछे हटने की अनिच्छा के स्पष्ट संकेत के तौर पर पटरियों पर अपना भोजन तैयार करना शुरू कर दिया।

रद्द ट्रेनों में चार एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल
हाजीपुर स्थित ईसीआर मुख्यालय के अनुसार, जिन ट्रेनों को रद्द किया गया है उनमें बिहार को कोलकाता, सियालदह और जसीडिह से जोड़ने वाली चार एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं।

29 ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाया गया
ईसीआर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि लंबी दूरी की 29 ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाया गया जिनमें हावड़ा-दिल्ली एक्सप्रेस, आसनसोल-छत्रपति शिवाजी टर्मिनस एक्सप्रेस, अमृतसर-हावड़ा एक्सप्रेस और कामाख्या-दिल्ली एक्सप्रेस प्रमुख हैं। इसके अलावा पटना से जसीडिह जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन को टेकबीघा में समाप्त करना पड़ा है।

विस्तार

पूर्व मध्य रेलवे (ईसीआर) के मोकामा-किउल खंड पर बड़हिया रेलवे स्टेशन पर रविवार को धरना-प्रदर्शन के कारण बिहार में करीब 10 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया और 30 का मार्ग बदल दिया गया या निर्धारित गंतव्य से पहले उसकी यात्रा पूरी (शॉर्ट टर्मिनेट) कर दी गई।

देर रात तक रेलवे ट्रैक पर मौजूद हैं प्रदर्शनकारी

पूर्व-मध्य रेलवे, हाजीपुर के सीपीआरओ बीरेंद्र कुमार ने कहा कि “प्रदर्शनकारी रविवार देर रात तक रेलवे ट्रैक पर मौजूद हैं, हम उनसे बात कर रहे हैं। वे आठ ट्रेनों को तत्काल रोकने की मांग कर रहे हैं। हम उसी पर चर्चा कर रहे हैं।”

ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन

लखीसराय के जिलाधिकारी संजय कुमार के मुताबिक, पटना से करीब 120 किलोमीटर दूर बड़हिया स्टेशन पर अपनी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में लोग पटरियों पर बैठ गए हैं। आंदोलनकारी स्थानीय यात्रियों की सुविधा के लिए कई एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव करने की मांग कर रहे हैं, जिनका वहां पहले कोई ठहराव नहीं था।

डीएम-एसपी के मनाने के बावजूद रेल पटरियों पर से हटने को तैयार नहीं

जिलाधिकारी और रेलवे पुलिस उपाधीक्षक इमरान परवेज द्वारा आंदोलनकारियों को अपना आंदोलन वापस लेने के लिए मनाने के प्रयासों का कोई नतीजा नहीं निकला और शाम होने के बाद उन्होंने पीछे हटने की अनिच्छा के स्पष्ट संकेत के तौर पर पटरियों पर अपना भोजन तैयार करना शुरू कर दिया।

रद्द ट्रेनों में चार एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल

हाजीपुर स्थित ईसीआर मुख्यालय के अनुसार, जिन ट्रेनों को रद्द किया गया है उनमें बिहार को कोलकाता, सियालदह और जसीडिह से जोड़ने वाली चार एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं।

29 ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाया गया

ईसीआर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि लंबी दूरी की 29 ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाया गया जिनमें हावड़ा-दिल्ली एक्सप्रेस, आसनसोल-छत्रपति शिवाजी टर्मिनस एक्सप्रेस, अमृतसर-हावड़ा एक्सप्रेस और कामाख्या-दिल्ली एक्सप्रेस प्रमुख हैं। इसके अलावा पटना से जसीडिह जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन को टेकबीघा में समाप्त करना पड़ा है।

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Bihar Police: बिहार पुलिस पर मालदा में नौ झोपड़ियां गिराने का आरोप, सियासत भी तेज

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सार

भाजपा सांसद खगेन मुर्मू ने कहा कि गांव और इलाका पश्चिम बंगाल में आता है, बिहार सड़क की दूसरी ओर है। अचानक बिना किसी उकसावे के बिहार पुलिस ने पश्चिम बंगाल की तरफ की झोपड़ियों को ढहा दिया है।

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बिहार पुलिस ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में अंतरराज्यीय सीमा से लगी नौ झोपड़ियों को कथित तौर पर ध्वस्त कर दिया। साथ ही अभियान का विरोध करने पर महिलाओं समेत कई लोगों की पिटाई भी की। मालदा जिला प्रशासन ने दावा किया कि घटना हरिश्चंद्रपुर 2 ब्लॉक के सदलीचक ग्राम पंचायत इलाके में शुक्रवार रात को घटी और झोपड़ियों को गिराने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया। यह स्थान दोनों राज्यों के बीच की सड़क पर पश्चिम बंगाल की तरफ है।

मालदा के जिला मजिस्ट्रेट राजर्षि मित्रा ने बताया कि तीन परिवारों के नौ घरों को गिरा दिया गया है। उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है और इस मामले पर बिहार के कटिहार जिला प्रशासन के साथ चर्चा की गई है। जिन लोगों की झोपड़ियां तोड़ी गई हैं उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें दावा किया गया है कि वे पीढ़ियों से सरकारी जमीन पर रहते आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के समर्थक गणेश प्रामाणिक ने बिहार के पुलिसकर्मियों को रिश्वत देकर घरों को ढहाने की कार्रवाई कराई है।

एक प्रभावित व्यक्ति ने बताया कि हम खुले आसमान के नीचे रह रहे हैं और बारिश में भीग रहे हैं और खाना नहीं खाया है क्योंकि बिहार पुलिस ने हमारे झोपड़ी को नष्ट कर दिया है। हमें मदद की जरूरत है। वहीं घटनास्थल पर पहुंचे भाजपा सांसद खगेन मुर्मू ने कहा कि यह गांव और मौजा पश्चिम बंगाल के भीतर आता है। बिहार सड़क के दूसरी तरफ है। अचानक बिना किसी उकसावे के बिहार पुलिस ने इन झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया।

सांसद ने कहा कि ये गरीब लोग दशकों से यहां रह रहे हैं। मुझे पता चला है कि जिस जमीन पर ये ध्वस्त झोपड़ियां खड़ी थीं, वहां कुछ टीएमसी सदस्यों की जमीनें हैं और वे चाहते थे कि क्षेत्र को साफ किया जाए और बिहार पुलिस को रिश्वत दी। 

हालांकि, हरिश्चंद्रपुर टीएमसी विधायक तजमुल हुसैन ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। टीएमसी विधायक ने कहा कि जिस गणेश प्रमाणिक पर आरोप लगाए जा रहे हैं वो टीएम के समर्थक हैं न की पार्टी में कोई पद पर आसीन हैं।
 

विस्तार

बिहार पुलिस ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में अंतरराज्यीय सीमा से लगी नौ झोपड़ियों को कथित तौर पर ध्वस्त कर दिया। साथ ही अभियान का विरोध करने पर महिलाओं समेत कई लोगों की पिटाई भी की। मालदा जिला प्रशासन ने दावा किया कि घटना हरिश्चंद्रपुर 2 ब्लॉक के सदलीचक ग्राम पंचायत इलाके में शुक्रवार रात को घटी और झोपड़ियों को गिराने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया। यह स्थान दोनों राज्यों के बीच की सड़क पर पश्चिम बंगाल की तरफ है।

मालदा के जिला मजिस्ट्रेट राजर्षि मित्रा ने बताया कि तीन परिवारों के नौ घरों को गिरा दिया गया है। उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है और इस मामले पर बिहार के कटिहार जिला प्रशासन के साथ चर्चा की गई है। जिन लोगों की झोपड़ियां तोड़ी गई हैं उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें दावा किया गया है कि वे पीढ़ियों से सरकारी जमीन पर रहते आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के समर्थक गणेश प्रामाणिक ने बिहार के पुलिसकर्मियों को रिश्वत देकर घरों को ढहाने की कार्रवाई कराई है।

एक प्रभावित व्यक्ति ने बताया कि हम खुले आसमान के नीचे रह रहे हैं और बारिश में भीग रहे हैं और खाना नहीं खाया है क्योंकि बिहार पुलिस ने हमारे झोपड़ी को नष्ट कर दिया है। हमें मदद की जरूरत है। वहीं घटनास्थल पर पहुंचे भाजपा सांसद खगेन मुर्मू ने कहा कि यह गांव और मौजा पश्चिम बंगाल के भीतर आता है। बिहार सड़क के दूसरी तरफ है। अचानक बिना किसी उकसावे के बिहार पुलिस ने इन झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया।

सांसद ने कहा कि ये गरीब लोग दशकों से यहां रह रहे हैं। मुझे पता चला है कि जिस जमीन पर ये ध्वस्त झोपड़ियां खड़ी थीं, वहां कुछ टीएमसी सदस्यों की जमीनें हैं और वे चाहते थे कि क्षेत्र को साफ किया जाए और बिहार पुलिस को रिश्वत दी। 

हालांकि, हरिश्चंद्रपुर टीएमसी विधायक तजमुल हुसैन ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। टीएमसी विधायक ने कहा कि जिस गणेश प्रमाणिक पर आरोप लगाए जा रहे हैं वो टीएम के समर्थक हैं न की पार्टी में कोई पद पर आसीन हैं।

 

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बिहार: जानिए कौन हैं पल्लवी ठाकुर उर्फ निराली? जिसने पति संग मिलकर प्रेमी ठेकेदार को उतारा मौत के घाट

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोतिहारी।
Published by: विजय पुंडीर
Updated Sun, 22 May 2022 04:24 PM IST

सार

बिहार के पश्चिम चंपारण में ठेकेदार जयप्रकाश की हत्या की साजिश आरजेडी नेत्री पल्लवी ठाकुर उर्फ निराली ने अपने पति अविनाश सिंह के साथ मिलकर रची। 

ख़बर सुनें

बिहार के पश्चिम चंपारण में ठेकेदार जयप्रकाश साह हत्याकांड मामले में पुलिस ने खुलासा करते हुए आरजेडी नेत्री पल्लवी ठाकुर उर्फ निराली, उसके पति अवनीश सिंह और एक अन्य अपराधी राजीव सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक जयप्रकाश की हत्या अवैध संबंध के चलते हुई।
 
अवैध संबंध के चलते हुई जयप्रकाश की हत्या
पुलिस ने इस मामले में छह नामजद व दो अज्ञात पर एफआईआर दर्ज की। जिनमें तीन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और अन्य की तलाश जारी है। पुलिस ने बताया कि पल्लवी ठाकुर का ठेकेदार जयप्रकाश के साथ अवैध संबंध का पता पल्लवी के पति को चल गया था। जिसके बाद पल्लवी और उसके पति अवनीश ने ठेकेदार की हत्या की साजिश रची। सुपारी किलर राजीव सिंह के माध्यम से हत्या की घटना को अंजाम दिया गया।

अस्पताल ले जाते समय हुई मौत
16 मई को जब जयप्रकाश किसी काम से मोतिहारी से पटना जा रहे थे। इसी दौरान जयप्रकाश ने एक होटल से बिरयानी खरीदी और ड्राइवर के साथ कार में बैठकर खाने लगे। इसी दौरान अपराधियों ने उन्हें गोलियों से भून दिया। जयप्रकाश को छह गोलियां लगी ड्राइवर को भी पेट, हाथ और पैर में तीन गोली लगी। गोली लगने के बाद ड्राइवर करीब 38 किलोमीटर कार चलाकर मोतिहारी के एक निजी अस्पताल में पहुंचा। लेकिन तब तक जयप्रकाश की मौत हो चुकी थी।

कौन है पल्लवी ठाकुर उर्फ निराली
पल्लवी ठाकुर आरेजेडी की जिला स्तर की नेत्री थी। उसका सपना विधायक बनने का था। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के साथ उसकी अच्छी खासी जान पहचान है। दोनों की साथ में कई फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। पल्लवी ने कई भोजपुरी फिल्मों और टीवी सीरियल में काम किया है। लेकिन इस काम में वह सफल नहीं हुई।
 
जिसके बाद परिवार वालों ने उसकी शादी एक अमीर आदमी से कर दी। लेकिन शादी के कुछ दिनों बाद पल्लवी के पति की मौत हो गई। जिसके बाद उसने दूसरी शादी की। यह शादी ज्यादा दिन तक नहीं चल पाई। दूसरे पति ने पल्लवी को छोड़ दिया। अवनीश सिंह के साथ पल्लवी ने तीसरी शादी की। जयप्रकाश हत्याकांड में पल्लवी के तीसरे पति को ही पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

विस्तार

बिहार के पश्चिम चंपारण में ठेकेदार जयप्रकाश साह हत्याकांड मामले में पुलिस ने खुलासा करते हुए आरजेडी नेत्री पल्लवी ठाकुर उर्फ निराली, उसके पति अवनीश सिंह और एक अन्य अपराधी राजीव सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक जयप्रकाश की हत्या अवैध संबंध के चलते हुई।

 

अवैध संबंध के चलते हुई जयप्रकाश की हत्या

पुलिस ने इस मामले में छह नामजद व दो अज्ञात पर एफआईआर दर्ज की। जिनमें तीन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और अन्य की तलाश जारी है। पुलिस ने बताया कि पल्लवी ठाकुर का ठेकेदार जयप्रकाश के साथ अवैध संबंध का पता पल्लवी के पति को चल गया था। जिसके बाद पल्लवी और उसके पति अवनीश ने ठेकेदार की हत्या की साजिश रची। सुपारी किलर राजीव सिंह के माध्यम से हत्या की घटना को अंजाम दिया गया।

अस्पताल ले जाते समय हुई मौत

16 मई को जब जयप्रकाश किसी काम से मोतिहारी से पटना जा रहे थे। इसी दौरान जयप्रकाश ने एक होटल से बिरयानी खरीदी और ड्राइवर के साथ कार में बैठकर खाने लगे। इसी दौरान अपराधियों ने उन्हें गोलियों से भून दिया। जयप्रकाश को छह गोलियां लगी ड्राइवर को भी पेट, हाथ और पैर में तीन गोली लगी। गोली लगने के बाद ड्राइवर करीब 38 किलोमीटर कार चलाकर मोतिहारी के एक निजी अस्पताल में पहुंचा। लेकिन तब तक जयप्रकाश की मौत हो चुकी थी।

कौन है पल्लवी ठाकुर उर्फ निराली

पल्लवी ठाकुर आरेजेडी की जिला स्तर की नेत्री थी। उसका सपना विधायक बनने का था। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के साथ उसकी अच्छी खासी जान पहचान है। दोनों की साथ में कई फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। पल्लवी ने कई भोजपुरी फिल्मों और टीवी सीरियल में काम किया है। लेकिन इस काम में वह सफल नहीं हुई।

 

जिसके बाद परिवार वालों ने उसकी शादी एक अमीर आदमी से कर दी। लेकिन शादी के कुछ दिनों बाद पल्लवी के पति की मौत हो गई। जिसके बाद उसने दूसरी शादी की। यह शादी ज्यादा दिन तक नहीं चल पाई। दूसरे पति ने पल्लवी को छोड़ दिया। अवनीश सिंह के साथ पल्लवी ने तीसरी शादी की। जयप्रकाश हत्याकांड में पल्लवी के तीसरे पति को ही पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

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बिहार: नीतीश ने दिए पेट्रोल-डीजल के दाम और कम करने के संकेत, पढ़ें राज्यसभा चुनाव और लालू पर क्या बोले?

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: विजय पुंडीर
Updated Sun, 22 May 2022 06:57 PM IST

सार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार को जेडीयू दफ्तर पहुंचे। यहां उन्होंने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने राज्य में पेट्रोल-डीजल के दाम और कम करने के संकेत दिए। 

ख़बर सुनें

केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने के बाद अब बिहार सरकार भी इसमें कटौती कर सकती है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसका संकेत दिया है। राज्य सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी करने का सवाल जब नीतीश कुमार से किया तो उन्होंने कहा कि इस पर बैठकर बात की जाएगी।
 
पेट्रोल-डीजल के दाम और कम करने पर कर रहे हैं विचार
रविवार को नीतीश कुमार जेडीयू दफ्तर पहुंचे। यहां उन्होंने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल के दाम घटाने के फैसले का स्वागत करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि यह खुशी की बात है। राज्य सरकार भी इस पर काम कर रही है। हमने पहले भी दाम कम किए हैं। अब फिर से पेट्रोल-डीजल के दाम कम करने पर विचार किया जा रहा है। इस पर आपस में बैठकर निर्णय लिया जाएगा।

लालू यादव के यहां सीबीआई की छापेमारी पर बोले सीएम
लालू यादव के 16 ठिकानों पर सीबीआई की छापेमारी को लेकर जब नीतीश कुमार से सवाल किया गया कि क्या यह राजनीति से प्रेरित है, तो सीएम ने कहा कि उनके यहां छापेमारी क्यों हो रही है, यह सवाल उनसे पूछिए, इस बारे में हम क्या जवाब दें।
 
राज्यसभा उम्मीदवार के नाम का ऐलान समय आने पर होगा: नीतीश
जेडीयू दफ्तर के बाहर मीडिया से बात करते हुए राज्यसभा उम्मीदवार के नाम को लेकर नीतीश कुमार ने कहा कि उम्मीदवारों की घोषणा समय पर होगी। आप इसकी चिंता मत किजिए। इतना पहले उम्मीदवार की घोषणा करने की कोई जरूरत नहीं है।
 
पार्टी ने सीएम को राज्यसभा उम्मीदवार का चयन करने का अधिकार दे दिया था। जिसके बाद इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा था कि राज्यसभा उम्मीदवार के नाम की घोषणा आज नीतीश कुमार करेंगे। लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया।

बता दें कि आरसीपी सिंह के नाम पर इस बार सस्पेंस है। चर्चा है कि इस बार राज्यसभा में आरसीपी सिंह का टिकटे कटने जा रहा है। उनकी जगह किसी दूसरे उम्मीदवार को टिकट मिल सकता है।

विस्तार

केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने के बाद अब बिहार सरकार भी इसमें कटौती कर सकती है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसका संकेत दिया है। राज्य सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी करने का सवाल जब नीतीश कुमार से किया तो उन्होंने कहा कि इस पर बैठकर बात की जाएगी।

 

पेट्रोल-डीजल के दाम और कम करने पर कर रहे हैं विचार

रविवार को नीतीश कुमार जेडीयू दफ्तर पहुंचे। यहां उन्होंने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल के दाम घटाने के फैसले का स्वागत करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि यह खुशी की बात है। राज्य सरकार भी इस पर काम कर रही है। हमने पहले भी दाम कम किए हैं। अब फिर से पेट्रोल-डीजल के दाम कम करने पर विचार किया जा रहा है। इस पर आपस में बैठकर निर्णय लिया जाएगा।

लालू यादव के यहां सीबीआई की छापेमारी पर बोले सीएम

लालू यादव के 16 ठिकानों पर सीबीआई की छापेमारी को लेकर जब नीतीश कुमार से सवाल किया गया कि क्या यह राजनीति से प्रेरित है, तो सीएम ने कहा कि उनके यहां छापेमारी क्यों हो रही है, यह सवाल उनसे पूछिए, इस बारे में हम क्या जवाब दें।

 

राज्यसभा उम्मीदवार के नाम का ऐलान समय आने पर होगा: नीतीश

जेडीयू दफ्तर के बाहर मीडिया से बात करते हुए राज्यसभा उम्मीदवार के नाम को लेकर नीतीश कुमार ने कहा कि उम्मीदवारों की घोषणा समय पर होगी। आप इसकी चिंता मत किजिए। इतना पहले उम्मीदवार की घोषणा करने की कोई जरूरत नहीं है।

 

पार्टी ने सीएम को राज्यसभा उम्मीदवार का चयन करने का अधिकार दे दिया था। जिसके बाद इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा था कि राज्यसभा उम्मीदवार के नाम की घोषणा आज नीतीश कुमार करेंगे। लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया।

बता दें कि आरसीपी सिंह के नाम पर इस बार सस्पेंस है। चर्चा है कि इस बार राज्यसभा में आरसीपी सिंह का टिकटे कटने जा रहा है। उनकी जगह किसी दूसरे उम्मीदवार को टिकट मिल सकता है।

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Crime News: बिहार में एके-47 से दनादन गोलियां चलाने वाला गैंगस्टर दिल्ली से गिरफ्तार

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सार

वारदात के बाद आजाद भागकर दिल्ली आ गया और छिपकर यहां रह रहा था। पुलिस ने उसके पास से एक पिस्टल व तीन कारतूस बरामद किए हैं। आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन की जा रही है।

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बिहार में विधान परिषद के एक प्रत्याशी पर एके-47 से दनादन गोलियां चलाने वाले गैंग को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बिहार एटीएस के साथ मिलकर दिल्ली से गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपी की पहचान सिवान निवासी आजाद अली (43) के रूप में हुई है। आजाद मृत बाहुबली सांसद शहाबुद्दीन का करीबी रहा है।

आजाद ने 4 अप्रैल 2022 को शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा और गैंगस्टर आफताब आलम व अन्यों के साथ मिलकर मोहम्मद रहीस खान के काफिले पर हमला किया था। इन लोगों ने 50 से अधिक राउंड गोलियां चलाई थी। हमले में एक राहगीर की मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य जख्मी हो गए थे।

वारदात के बाद आजाद भागकर दिल्ली आ गया और छिपकर यहां रह रहा था। पुलिस ने उसके पास से एक पिस्टल व तीन कारतूस बरामद किए हैं। आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन की जा रही है।

स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त जसमीत सिंह ने बताया कि एसीपी अत्तर सिंह और इंस्पेक्टर शिव कुमार की टीम को खबर मिली थी कि बिहार का गैंगस्टर दिल्ली-एनसीआर में छिपकर रह रहा है। इस दौरान बिहार एटीएस की टीम ने भी दिल्ली पुलिस से आरोपी को पकड़ने के लिए सहयोग किया।

शुक्रवार देर रात को संयुक्त टीम को खबर मिली कि आरोपी राजघाट के पास आने वाला है। देर रात करीब 11.15 बजे आरोपी को काबू कर लिया गया। पुलिस टीम को देखते ही आरोपी ने भागने का प्रयास किया। आरोपी की तलाशी लेने पर पुलिस को उसके पास से एक पिस्टल व तीन कारतूस बरामद हुए।

छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि आजाद अली के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूटपाट, धमकी देने, फिरौती के लिए अपहरण और अवैध हथियार के आधा दर्जन मामले दर्ज हैं। आरोपी पूर्व बाहुबली सांसद शहाबुद्दीन का करीबी रहा है। अभी वह शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा व गैंगस्टर आफताब आलम के साथ काम कर रहा है।

आफताब की सिवान में विरोधी गुट मोहम्मद रहीस खान से प्रॉपर्टी पर कब्जों और वर्चस्व को लेकर लड़ाई चल रही है। अभी बिहार में हुए विधान परिषद के चुनाव के दौरान रहीस ने चुनाव लड़ा था, लेकिन वह हार गया। चुनाव वाले दिन वह अपने काफिले के साथ वापस अपने गांव लौट रहा था।

इस बीच आजाद अली, आफताब आलम, ओसामा व अन्यों ने इनके काफिले पर एके-47 पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी थीं। हमले में रहीस के दो लोग जख्मी हुए थे, बाकी तीन राहगीरों का गोली लगी थी। बाद में एक राहगीर की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। वारदात के बाद से आजाद फरार था। पुलिस उससे पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।

विस्तार

बिहार में विधान परिषद के एक प्रत्याशी पर एके-47 से दनादन गोलियां चलाने वाले गैंग को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बिहार एटीएस के साथ मिलकर दिल्ली से गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपी की पहचान सिवान निवासी आजाद अली (43) के रूप में हुई है। आजाद मृत बाहुबली सांसद शहाबुद्दीन का करीबी रहा है।

आजाद ने 4 अप्रैल 2022 को शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा और गैंगस्टर आफताब आलम व अन्यों के साथ मिलकर मोहम्मद रहीस खान के काफिले पर हमला किया था। इन लोगों ने 50 से अधिक राउंड गोलियां चलाई थी। हमले में एक राहगीर की मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य जख्मी हो गए थे।

वारदात के बाद आजाद भागकर दिल्ली आ गया और छिपकर यहां रह रहा था। पुलिस ने उसके पास से एक पिस्टल व तीन कारतूस बरामद किए हैं। आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन की जा रही है।

स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त जसमीत सिंह ने बताया कि एसीपी अत्तर सिंह और इंस्पेक्टर शिव कुमार की टीम को खबर मिली थी कि बिहार का गैंगस्टर दिल्ली-एनसीआर में छिपकर रह रहा है। इस दौरान बिहार एटीएस की टीम ने भी दिल्ली पुलिस से आरोपी को पकड़ने के लिए सहयोग किया।

शुक्रवार देर रात को संयुक्त टीम को खबर मिली कि आरोपी राजघाट के पास आने वाला है। देर रात करीब 11.15 बजे आरोपी को काबू कर लिया गया। पुलिस टीम को देखते ही आरोपी ने भागने का प्रयास किया। आरोपी की तलाशी लेने पर पुलिस को उसके पास से एक पिस्टल व तीन कारतूस बरामद हुए।

छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि आजाद अली के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूटपाट, धमकी देने, फिरौती के लिए अपहरण और अवैध हथियार के आधा दर्जन मामले दर्ज हैं। आरोपी पूर्व बाहुबली सांसद शहाबुद्दीन का करीबी रहा है। अभी वह शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा व गैंगस्टर आफताब आलम के साथ काम कर रहा है।

आफताब की सिवान में विरोधी गुट मोहम्मद रहीस खान से प्रॉपर्टी पर कब्जों और वर्चस्व को लेकर लड़ाई चल रही है। अभी बिहार में हुए विधान परिषद के चुनाव के दौरान रहीस ने चुनाव लड़ा था, लेकिन वह हार गया। चुनाव वाले दिन वह अपने काफिले के साथ वापस अपने गांव लौट रहा था।

इस बीच आजाद अली, आफताब आलम, ओसामा व अन्यों ने इनके काफिले पर एके-47 पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी थीं। हमले में रहीस के दो लोग जख्मी हुए थे, बाकी तीन राहगीरों का गोली लगी थी। बाद में एक राहगीर की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। वारदात के बाद से आजाद फरार था। पुलिस उससे पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।

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राबड़ी आवास पर CBI की छापेमारी के बीच मसाज कराते दिखे तेज प्रताप यादव

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वीडियो डेस्क/अमर उजाला डॉट कॉम Published by: सुरेश शाह Updated Sat, 21 May 2022 01:47 PM IST

जहां एक तरफ शुक्रवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, उनके परिवार और करीबी लोगों के 16 ठिकानों पर जब सीबीआई की छापेमारी चल रही थी। वहीं, दूसरी तरफ उनके बड़े बेटे और विधायक तेजप्रताप यादव अपने शरीर का मसाज मसाज कराते दिखे। तेजप्रताप के मसाज कराते एक वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा हैं।

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