रहस्य और रोमांच से भरपूर फैमिली मैन और कॉन्ट्रैक्ट किलर की कहानी है बॉब बिस्वास, रोल के लिए अभिषेक ने बढ़ाया था 100 किलो से ज्यादा वजन

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बॉब बिस्वास के लिए अभिषेक बच्चन ने बदला था पूरा लुक

नई दिल्ली :

वो कोई पुराना दोस्त हो सकता है, जो अचानक आपको कोलकाता की सड़कों पर मिल जाए, या आपके साथ काम करने वाला कोई शख्स, जिसके साथ बैठकर आप खाना खाते हों. वो या तो आपको अपना हाल-चाल बता सकता है या फिर सीधे अपने बैग से एक गन निकाल सकता है. उसका हुलिया और हाव-भाव देखकर आप धोखा खा सकते हैं. बॉब बिस्वास एक खतरनाक कॉन्ट्रैक्ट किलर की अनिश्चितता और घुमाव से भरी कहानी है, जिसे भूलने की बीमारी है. एंड पिक्चर्स पर 11 जून को रात 10 बजे इस फिल्म का प्रीमियर होने जा रहा है. इस फिल्म में एक्टर अभिषेक बच्चन ने बॉब बिस्वास की भूमिका निभाई है. यह आपको रहस्य और रोमांच की दुनिया में ले जाएगा. 

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अभिषेक बच्चन अपने करियर में अलग-अलग तरह के रोल करने के लिए जाने जाते हैं. हाल ही में दसवीं में नजर आ चुके एक्टर बॉब बिस्वास में काफी अलग रोल में नजर आ रहे हैं. अभिषेक कहते हैं कि किरदारों का स्पिन-ऑफ हमारी इंडस्ट्री में बहुत कम आजमाया गया है, और बॉब का किरदार ऐसा है, जो एक फीचर फिल्म की हकदार है. जब सुजॉय ने मुझसे इस स्क्रिप्ट की चर्चा की, तो ये मुझे बड़ी दिलचस्प लगी और मैं बेशक यह फिल्म करना चाहता था. हालांकि मैंने लॉकडाउन तक ‘कहानी’ नहीं देखी थी, इसलिए बॉब को लेकर मेरा नजरिया बड़ा सीमित था और इससे मुझे अपने मन में बॉब का एक किरदार गढ़ने में भी मदद मिली. इस किरदार में शुरुआत से ही स्पिन ऑफ की दरकार थी. ‘कहानी’ में बॉब की स्क्रीन पर छोटी-सी उपस्थिति ने दर्शकों के बीच भारी उत्सुकता जगा दी थी. एक पत्नी और दो बच्चों वाला फैमिली मैन, जो दिन में एक इंश्योरेंस एजेंट और रात में एक कॉन्ट्रैक्ट हिटमैन का काम करता है. ऐसा कॉम्बिनेशन बहुत अनोखा है. इस किरदार के बारे में अंदाज़ा नहीं लगाया जा सकता और यही खूबी आपको बांधे रखेगी. मुझे लगता है कि दीया ने इस रहस्यमयी कहानी और उलझे हुए किरदार को बखूबी पर्दे पर पेश किया है.

 

अभिषेक बताते हैं कि किसी भी प्रोजेक्ट के लिए मैं सबसे पहले अपने किरदार के लुक पर ध्यान देता हूं और बॉब बिस्वास के लिए मुझे 100 किलो से ज्यादा वजन बढ़ाना पड़ा! इसके लिए मैंने प्रोस्थेटिक्स भी अपनाया, लेकिन जब शारीरिक रूप से आपका वजन बड़ा हो तो आपकी पूरी परफॉर्मेंस बदल जाती है, आपकी बॉडी लैंग्वेज आपके चलने-फिरने और दौड़ने का तरीका, सबकुछ बदल जाता है. प्रोस्थेटिक्स में यह सब चीजें हासिल कर पाना संभव नहीं हो पाता. वजन बढ़ाना बड़ा मजेदार रहा, खास तौर पर कोलकाता की सर्दियों में हमने दर्जनों गुड़ संदेश का मजा लिया. सबसे ज्यादा मुश्किल तब हुई, जब लॉकडाउन के कारण हमारी शूटिंग बीच में ही रुक गई थी. इस दौरान मुझे अपना वजन बरकरार रखना था और इतने लंबे समय तक 100 किलो तक वजन बनाए रखना बड़ा मुश्किल था. लेकिन अपने काम और अपनी फिल्म के लिए जो आपको करना है, वो तो करना ही है और हमने इसे अच्छी तरह संभाला. इस फिल्म zee5 पर देख सकते हैं और अब यह एमएक्स प्लेयर पर भी उपलब्ध है. 

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