Bihar: प्रशांत किशोर ने कहा-कभी नहीं करूंगा कांग्रेस के साथ काम, खुद तो डूब रही हमको भी डुबा देगी

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दिग्गज चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अक्टूबर से वे बिहार की यात्रा पर निकलेंगे। जिसकी तैयारियों में वे अभी से जुट गए हैं। इसी क्रम में सोमवार को उन्होंने वैशाली का दौरा किया। इस दौरान कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए दिग्गज चुनावी रणनीतिकार ने कहा कि वे कांग्रेस के साथ कभी का नहीं करेंगे। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उनका ट्रैक रिकार्ड खराब कर दिया। 

पीके ने दिया ये बयान
प्रशांत किशोर ने कहा कि ‘कांग्रेस पार्टी सुधरती नहीं है, अपने तो डूब रही है हमको भी डुबा देगी। 10 साल में हम सिर्फ एक चुनाव हारे हैं 2017 में। कांग्रेस ने हमारा ट्रैक रिकॉर्ड खराब कर दिया, इसीलिए उसके बाद हमने उनसे हाथ जोड़ लिया कि इन लोगों के साथ कभी काम नहीं करेंगे।’ वैशाली में पीके ने ये भी कहा कि उन्होंने 2015 में बिहार में महागठबंधन को चुनाव जितवाया। 2017 में पंजाब का चुनाव जितवाया। 2019 में जगन मोहन रेड्डी के साथ मिलकर आंध्र प्रदेश में जीत दर्ज की। 2020 में दिल्ली में केजरीवाल के साथ मिलकर जीते। 2021 में तमिलनाडु और बंगाल जीते। उन्होंने कहा कि इस दौरान हम बस एक चुनाव हारे। 

गौरतलब है कि उनका ये बयान सोनिया गांधी के पार्टी में शामिल होने और एम्पावर्ड एक्शन ग्रुप 2024 का सदस्य बनने के प्रस्ताव को ठुकराने के कुछ हफ्तों बाद आया है। कांग्रेस ने एम्पावर्ड एक्शन ग्रुप का गठन आठ सदस्यीय समिति द्वारा पार्टी में सुधारों और 2024 के आम चुनाव की रणनीति तैयार करने के लिए बनाया गया था।

शुरु हुई ‘जन सुराज यात्रा’
गौरतलब है कि प्रशांत किशोर ने बिहार के हाजीपुर से रविवार को ‘जन सुराज यात्रा’ की शुरुआत की है। यहां यात्रा की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि वैशाली लोकतंत्र की धरती है, इसलिए जन सुराज यात्रा की शुरुआत के लिए यह सबसे योग्य स्थान है। उन्होंने कहा कि बिहार में नई राजनीतिक व्यवस्था बनाने की सोच के साथ यह प्रयास शुरू किया गया है। पिछले चार से पांच दिन पूर्व तक मुझसे से मिलने वालों की संख्या 18 हजार थी, जो कि बढ़कर 60 हजार हो गई है। यह वैसे लोग हैं जिन्होंने खुद हमसे मिलने के लिए संपर्क किया या हमारी टीम के लोगों ने उनसे संपर्क किया था। 

पीके ने दी जानकारी
उन्होंने बताया कि वैशाली से शुरू जन सुराज यात्रा के दौरान सितंबर के अंत तक बिहार के सभी जिलों में गोष्ठी के माध्यम से लोगों से मुलाकात की जाएगी। प्रशांत ने बताया कि वैशाली जिले में चार दिनों तक करीब 350 किलोमीटर एरिया कवर कर जिले के सभी 16 प्रखंड और आठ विधानसभा में करीब 40 स्थानों पर गोष्ठी के माध्यम से लोगों से मिलकर जन सुराज के प्रयासों को बताया जाएगा। यात्रा की समाप्ति के बाद दो अक्टूबर को गांधी आश्रम चंपारण से ‘पदयात्रा’ की शुरुआत की जाएगी। करीब तीन हजार किलोमीटर पदयात्रा बिहार के सभी जिलों में की जाएगी। प्रशांत ने कहा कि पदयात्रा में करीब 12 से 15 महीने लग सकते हैं।

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दिग्गज चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अक्टूबर से वे बिहार की यात्रा पर निकलेंगे। जिसकी तैयारियों में वे अभी से जुट गए हैं। इसी क्रम में सोमवार को उन्होंने वैशाली का दौरा किया। इस दौरान कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए दिग्गज चुनावी रणनीतिकार ने कहा कि वे कांग्रेस के साथ कभी का नहीं करेंगे। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उनका ट्रैक रिकार्ड खराब कर दिया। 

पीके ने दिया ये बयान

प्रशांत किशोर ने कहा कि ‘कांग्रेस पार्टी सुधरती नहीं है, अपने तो डूब रही है हमको भी डुबा देगी। 10 साल में हम सिर्फ एक चुनाव हारे हैं 2017 में। कांग्रेस ने हमारा ट्रैक रिकॉर्ड खराब कर दिया, इसीलिए उसके बाद हमने उनसे हाथ जोड़ लिया कि इन लोगों के साथ कभी काम नहीं करेंगे।’ वैशाली में पीके ने ये भी कहा कि उन्होंने 2015 में बिहार में महागठबंधन को चुनाव जितवाया। 2017 में पंजाब का चुनाव जितवाया। 2019 में जगन मोहन रेड्डी के साथ मिलकर आंध्र प्रदेश में जीत दर्ज की। 2020 में दिल्ली में केजरीवाल के साथ मिलकर जीते। 2021 में तमिलनाडु और बंगाल जीते। उन्होंने कहा कि इस दौरान हम बस एक चुनाव हारे। 

गौरतलब है कि उनका ये बयान सोनिया गांधी के पार्टी में शामिल होने और एम्पावर्ड एक्शन ग्रुप 2024 का सदस्य बनने के प्रस्ताव को ठुकराने के कुछ हफ्तों बाद आया है। कांग्रेस ने एम्पावर्ड एक्शन ग्रुप का गठन आठ सदस्यीय समिति द्वारा पार्टी में सुधारों और 2024 के आम चुनाव की रणनीति तैयार करने के लिए बनाया गया था।

शुरु हुई ‘जन सुराज यात्रा’

गौरतलब है कि प्रशांत किशोर ने बिहार के हाजीपुर से रविवार को ‘जन सुराज यात्रा’ की शुरुआत की है। यहां यात्रा की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि वैशाली लोकतंत्र की धरती है, इसलिए जन सुराज यात्रा की शुरुआत के लिए यह सबसे योग्य स्थान है। उन्होंने कहा कि बिहार में नई राजनीतिक व्यवस्था बनाने की सोच के साथ यह प्रयास शुरू किया गया है। पिछले चार से पांच दिन पूर्व तक मुझसे से मिलने वालों की संख्या 18 हजार थी, जो कि बढ़कर 60 हजार हो गई है। यह वैसे लोग हैं जिन्होंने खुद हमसे मिलने के लिए संपर्क किया या हमारी टीम के लोगों ने उनसे संपर्क किया था। 

पीके ने दी जानकारी

उन्होंने बताया कि वैशाली से शुरू जन सुराज यात्रा के दौरान सितंबर के अंत तक बिहार के सभी जिलों में गोष्ठी के माध्यम से लोगों से मुलाकात की जाएगी। प्रशांत ने बताया कि वैशाली जिले में चार दिनों तक करीब 350 किलोमीटर एरिया कवर कर जिले के सभी 16 प्रखंड और आठ विधानसभा में करीब 40 स्थानों पर गोष्ठी के माध्यम से लोगों से मिलकर जन सुराज के प्रयासों को बताया जाएगा। यात्रा की समाप्ति के बाद दो अक्टूबर को गांधी आश्रम चंपारण से ‘पदयात्रा’ की शुरुआत की जाएगी। करीब तीन हजार किलोमीटर पदयात्रा बिहार के सभी जिलों में की जाएगी। प्रशांत ने कहा कि पदयात्रा में करीब 12 से 15 महीने लग सकते हैं।

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