Caste Based Census: एक जून को होगा बिहार में सर्वदलीय मीटिंग का आयोजन, बैठक में भाजपा करेगी शिरकत

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सार

जाति आधारित जनगणना पर फैसला लेने के लिए एक जून को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में पटना में एक सर्वदलीय बैठक होगी। 

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बिहार में जाति आधारित जनगणना को लेकर एक सर्वदलीय बैठक का आयोजन एक जून को पटना में किया जाएगा। राज्य सरकार में मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बुधवार को बताया कि यह बैठक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में होगी। उन्होंने कहा कि राज्य के लगभग सभी राजनीतिक दल शुरुआत से ही जाति आधारित जनगणना के समर्थन में रहे हैं। 

चौधरी ने कहा कि बैठक में जो फैसला लिया जाएगा उसके अनुसार इसे लागू करने के लिए मंत्रियों की एक बैठक भी बुलानी पड़ेगी। इसलिए, इसे मंत्रिपरिषद की अगली बैठक में लिया जाएगा और फिर सरकार इसे लागू करने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि सभी दल इसके समर्थन में हैं और जहां तक भाजपा का सवाल है तो उन्होंने विरोध नहीं किया है।

इस बीच बिहार में जातीय जनगणना को लेकर एक जून को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में सभी दलों के विधायक भाग लेंगे। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विशेष बैठक के पहले बृहस्पतिवार को कैबिनेट की बैठक बुलाई है। भाजपा और जदयू में खींचतान के कारण करीब एक महीने से कैबिनेट की बैठक नहीं हुई है। 

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने बुधवार को ट्वीट करके कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक जून को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। भाजपा भी उसमें हिस्सा लेगी। बिहार के उपमुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद और रेणु देवी ने भी सर्वदलीय बैठक में शामिल होने की बात कही है। इससे पहले 11 मई को विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री से जल्द से जल्द जातीय जनगणना कराने की मांग की थी। 

शरद पवार ने जातीय जनगणना की मांग उठाई
इस बीच राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार ने जातीय जनगणना की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि सामाजिक समानता सुनिश्चित करने के लिए यह जरूरी है। राकांपा के ओबीसी प्रकोष्ठ की एक बैठक को संबोधित करते हुए पवार ने कहा कि हर किसी वह मिलना चाहिए जिसका वह हकदार है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम कुछ भी मुफ्त नहीं मांग रहे हैं। जातीय जनगणना कराने के सिवा और कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति को संविधान द्वारा आरक्षण दिया गया, जिससे उन्हें फायदा हुआ और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को भी इसी प्रकार के प्रावधानों की जरूरत है।

विस्तार

बिहार में जाति आधारित जनगणना को लेकर एक सर्वदलीय बैठक का आयोजन एक जून को पटना में किया जाएगा। राज्य सरकार में मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बुधवार को बताया कि यह बैठक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में होगी। उन्होंने कहा कि राज्य के लगभग सभी राजनीतिक दल शुरुआत से ही जाति आधारित जनगणना के समर्थन में रहे हैं। 

चौधरी ने कहा कि बैठक में जो फैसला लिया जाएगा उसके अनुसार इसे लागू करने के लिए मंत्रियों की एक बैठक भी बुलानी पड़ेगी। इसलिए, इसे मंत्रिपरिषद की अगली बैठक में लिया जाएगा और फिर सरकार इसे लागू करने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि सभी दल इसके समर्थन में हैं और जहां तक भाजपा का सवाल है तो उन्होंने विरोध नहीं किया है।

इस बीच बिहार में जातीय जनगणना को लेकर एक जून को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में सभी दलों के विधायक भाग लेंगे। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विशेष बैठक के पहले बृहस्पतिवार को कैबिनेट की बैठक बुलाई है। भाजपा और जदयू में खींचतान के कारण करीब एक महीने से कैबिनेट की बैठक नहीं हुई है। 

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने बुधवार को ट्वीट करके कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक जून को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। भाजपा भी उसमें हिस्सा लेगी। बिहार के उपमुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद और रेणु देवी ने भी सर्वदलीय बैठक में शामिल होने की बात कही है। इससे पहले 11 मई को विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री से जल्द से जल्द जातीय जनगणना कराने की मांग की थी। 

शरद पवार ने जातीय जनगणना की मांग उठाई

इस बीच राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार ने जातीय जनगणना की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि सामाजिक समानता सुनिश्चित करने के लिए यह जरूरी है। राकांपा के ओबीसी प्रकोष्ठ की एक बैठक को संबोधित करते हुए पवार ने कहा कि हर किसी वह मिलना चाहिए जिसका वह हकदार है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम कुछ भी मुफ्त नहीं मांग रहे हैं। जातीय जनगणना कराने के सिवा और कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति को संविधान द्वारा आरक्षण दिया गया, जिससे उन्हें फायदा हुआ और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को भी इसी प्रकार के प्रावधानों की जरूरत है।

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