CBI Raid: ‘तोते हैं, तोतों का क्या’ आरजेडी का सीबीआई के खिलाफ ट्वीट, सुशील मोदी बोले- लालू ने खेला बड़ा खेल

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सार

केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) ने लालू यादव से जुड़े 17 ठिकानों पर छापेमारी की है। बताया जा रहा है कि ये कार्रवाई भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में की गई है।

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राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू यादव एवं उनके परिवार से जुड़े 17 ठिकानों पर सीबीआई की छापेमारी के बाद सियासत तेज हो गई है। इस छापेमारी के बाद जहां राजद के कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए हैं वहीं भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेता लालू पर हमलावर हो गए हैं। इस मामले पर जब भाजपा नेता सुशील मोदी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि जब लालू यादव रेल मंत्री थे, तो उन्होंने ग्रुप-डी की नौकरियों के बदले में किसी और को जमीन दान दिलवाया लेकिन 5-6 साल बाद उनसे खुद को उपहार के रूप में ले लिया। सुशील मोदी ने कहा कि उनके रेल मंत्री के कार्यकाल में और भी कई घोटाले हुए जिसका कि जल्द ही खुलासा होगा। उनके मंत्रालय में काम करने का ढंग यही था नौकरी बदले में उपहार लो।

सीबीआई ‘पिंजरे का तोता’: आरजेडी
रेलवे नौकरी घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, पत्नी राबड़ी देवी और उनकी बेटी मीसा भारती के खिलाफ नए मामले दर्ज करने के बाद, राष्ट्रीय जनता दल सड़क पर उतर आई है। आरजेडी ने सीबीआई को ‘पिंजरे का तोता’ कहा। राष्ट्रीय जनता दल ने ट्वीट करते हुए लिखा कि ”तोते हैं, तोते का क्या”।  इसके बाद आरजेडी के ट्विटर हैंडल से सिलसिलेवार ट्वीट किए गए हैं। ता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में देश की प्रमुख जांच एजेंसी, सीबीआई को “पिंजड़े में बंद तोता” होने के लिए फटकार लगाई थी जो कि अपने मालिक की आवाज बोलता है।

कितने घटिया स्तर की जांच एजेंसी है सीबीआई: आरजेडी
एक अन्य ट्वीट में लिखा गया है कि तथाकथित रेलवे से सम्बंधित घोटाले में अनगिनत बार छापामारी हुई है और मिला कुछ नहीं। 2004-09 तक लालू प्रसाद रेल मंत्री थे। आज 13 साल बाद भी अगर सीबीआई को छापा मारना पड़ रहा तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कितने घटिया स्तर की जांच एजेंसी है सीबीआई। लालू परिवार झुकने और डरने वाला नहीं है।

लालू यादव ने रेलवे को भारी मुनाफा दिया: आरजेडी
जिस लालू यादव ने रेलवे को 90,000 करोड़ का मुनाफा दिया, जिस लालू ने लाखों युवाओं के लिए रेलवे में भर्ती निकाली, कुलियों को स्थाई किया, उस लालू पर 15 साल बाद छापा मरवाया जा रहा है। वहीं जिस संघ व मोदी-शाह ने रेलवे को बेच दिया, स्टेशन बेच दिए, 72000 पदों को डकार गए वो ईमानदार बन रहे है।

विस्तार

राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू यादव एवं उनके परिवार से जुड़े 17 ठिकानों पर सीबीआई की छापेमारी के बाद सियासत तेज हो गई है। इस छापेमारी के बाद जहां राजद के कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए हैं वहीं भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेता लालू पर हमलावर हो गए हैं। इस मामले पर जब भाजपा नेता सुशील मोदी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि जब लालू यादव रेल मंत्री थे, तो उन्होंने ग्रुप-डी की नौकरियों के बदले में किसी और को जमीन दान दिलवाया लेकिन 5-6 साल बाद उनसे खुद को उपहार के रूप में ले लिया। सुशील मोदी ने कहा कि उनके रेल मंत्री के कार्यकाल में और भी कई घोटाले हुए जिसका कि जल्द ही खुलासा होगा। उनके मंत्रालय में काम करने का ढंग यही था नौकरी बदले में उपहार लो।

सीबीआई ‘पिंजरे का तोता’: आरजेडी

रेलवे नौकरी घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, पत्नी राबड़ी देवी और उनकी बेटी मीसा भारती के खिलाफ नए मामले दर्ज करने के बाद, राष्ट्रीय जनता दल सड़क पर उतर आई है। आरजेडी ने सीबीआई को ‘पिंजरे का तोता’ कहा। राष्ट्रीय जनता दल ने ट्वीट करते हुए लिखा कि ”तोते हैं, तोते का क्या”।  इसके बाद आरजेडी के ट्विटर हैंडल से सिलसिलेवार ट्वीट किए गए हैं। ता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में देश की प्रमुख जांच एजेंसी, सीबीआई को “पिंजड़े में बंद तोता” होने के लिए फटकार लगाई थी जो कि अपने मालिक की आवाज बोलता है।

कितने घटिया स्तर की जांच एजेंसी है सीबीआई: आरजेडी

एक अन्य ट्वीट में लिखा गया है कि तथाकथित रेलवे से सम्बंधित घोटाले में अनगिनत बार छापामारी हुई है और मिला कुछ नहीं। 2004-09 तक लालू प्रसाद रेल मंत्री थे। आज 13 साल बाद भी अगर सीबीआई को छापा मारना पड़ रहा तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कितने घटिया स्तर की जांच एजेंसी है सीबीआई। लालू परिवार झुकने और डरने वाला नहीं है।

लालू यादव ने रेलवे को भारी मुनाफा दिया: आरजेडी

जिस लालू यादव ने रेलवे को 90,000 करोड़ का मुनाफा दिया, जिस लालू ने लाखों युवाओं के लिए रेलवे में भर्ती निकाली, कुलियों को स्थाई किया, उस लालू पर 15 साल बाद छापा मरवाया जा रहा है। वहीं जिस संघ व मोदी-शाह ने रेलवे को बेच दिया, स्टेशन बेच दिए, 72000 पदों को डकार गए वो ईमानदार बन रहे है।

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