Nitish Vs Prashant: बिहार की सियासत में नया तड़का, प्रशांत किशोर ने सड़कों के मुद्दों पर नीतीश कुमार को घेरा 

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 23 Jun 2022 03:50 PM IST

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जन सुराज अभियान के संयोजक प्रशांत किशोर ने गुरुवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्य की सड़कों को नया रूप देने के दावों को हवा में उड़ा दिया। राजनीति में पूर्णकालिक शुरुआत के लिए राज्य का दौरा कर रहे प्रशांत किशोर ने अपने ट्विटर हैंडल पर माधुरी जिले से गुजरने वाले एक राष्ट्रीय राजमार्ग की एक तस्वीर साझा की, जिसने उन्हें 1990 के दशक के जंगल राज की याद दिला दी।

प्रशांत किशोर ने सड़कों के मुद्दे पर नीतीश पर कसा तंज 
प्रशांत किशोर ने ट्वीट किया, नीतीश जी ने हाल ही में सड़क निर्माण विभाग के अधिकारियों से कहा था कि वे लोगों को राज्य में सड़कों की स्थिति के बारे में बताएं। 1990 के दशक का जंगल राज का संदर्भ पति-पत्नी की जोड़ी लालू प्रसाद और राबड़ी देवी से था, जिन्होंने 2005 में कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए से राजद को मिली हार तक 15 साल तक बिहार पर शासन किया था। तब अराजकता और सड़कों की बदहाली आम थी। इन दो मुद्दों पर राजद को भारी आलोचना का सामना करना पड़ा।

प्रशांत 2015 के विधानसभा चुनावों में लालू-नीतीश गठबंधन को जीत दिलाने में मदद की थी और औपचारिक रूप से जद (यू) में शामिल हो गए थे। तब नीतीश कुमार के नेतृत्व में दो साल बाद उनके नंबर दो के रूप में काम करने के बाद अब प्रशांत को लगता है कि दोनों नेताओं ने राज्य को नीचा दिखाया है। सियासी रणनीतिकार का अपना करियर को छोड़ने के बाद किशोर अब अपने गृह राज्य में परिवर्तनकारी राजनीति का वादा लेकर सियासी मैदान में उतरे हैं।  

विस्तार

जन सुराज अभियान के संयोजक प्रशांत किशोर ने गुरुवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्य की सड़कों को नया रूप देने के दावों को हवा में उड़ा दिया। राजनीति में पूर्णकालिक शुरुआत के लिए राज्य का दौरा कर रहे प्रशांत किशोर ने अपने ट्विटर हैंडल पर माधुरी जिले से गुजरने वाले एक राष्ट्रीय राजमार्ग की एक तस्वीर साझा की, जिसने उन्हें 1990 के दशक के जंगल राज की याद दिला दी।

प्रशांत किशोर ने सड़कों के मुद्दे पर नीतीश पर कसा तंज 

प्रशांत किशोर ने ट्वीट किया, नीतीश जी ने हाल ही में सड़क निर्माण विभाग के अधिकारियों से कहा था कि वे लोगों को राज्य में सड़कों की स्थिति के बारे में बताएं। 1990 के दशक का जंगल राज का संदर्भ पति-पत्नी की जोड़ी लालू प्रसाद और राबड़ी देवी से था, जिन्होंने 2005 में कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए से राजद को मिली हार तक 15 साल तक बिहार पर शासन किया था। तब अराजकता और सड़कों की बदहाली आम थी। इन दो मुद्दों पर राजद को भारी आलोचना का सामना करना पड़ा।

प्रशांत 2015 के विधानसभा चुनावों में लालू-नीतीश गठबंधन को जीत दिलाने में मदद की थी और औपचारिक रूप से जद (यू) में शामिल हो गए थे। तब नीतीश कुमार के नेतृत्व में दो साल बाद उनके नंबर दो के रूप में काम करने के बाद अब प्रशांत को लगता है कि दोनों नेताओं ने राज्य को नीचा दिखाया है। सियासी रणनीतिकार का अपना करियर को छोड़ने के बाद किशोर अब अपने गृह राज्य में परिवर्तनकारी राजनीति का वादा लेकर सियासी मैदान में उतरे हैं।  

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