Power Supply: नबीनगर इकाई चालू होने से बिहार को एनटीपीसी से मिली अतिरिक्त 559 मेगावाट बिजली

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राज्य के स्वामित्व वाली एनटीपीसी लिमिटेड ने बुधवार को बिहार के औरंगाबाद जिले में अपनी सहायक नबीनगर पावर जनरेटिंग कंपनी (एनपीजीसी) की तीसरी और अंतिम 660 मेगावाट इकाई से वाणिज्यिक संचालन शुरू किया। नबीनगर इकाई के चालू होने से बिहार को एनटीपीसी से अतिरिक्त 559 मेगावाट बिजली मिलने लगी है।

राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि एनपीजीसी की इस इकाई से बिहार, उत्तरप्रदेश, झारखंड और सिक्किम जैसे लाभार्थी राज्यों को 660 मेगावाट तक बिजली मिलेगी। 

बयान के अनुसार बिहार को नबीनगर संयंत्र से उत्पन्न 84.8 प्रतिशत (559 मेगावाट) बिजली मिलने लगी है और इस इकाई की शेष बिजली उत्तर प्रदेश, झारखंड और सिक्किम को आवंटित की गई है। यूनिट का ट्रायल ऑपरेशन इस साल मार्च में सफलतापूर्वक किया गया था।

एनपीजीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आरके पांडे ने कहा, “एनपीजीसी की तीसरी इकाई से वाणिज्यिक संचालन की शुरुआत परियोजना को पूरा करने के लिए एक अंतिम कदम है। अब, यह एक पावर स्टेशन बन गया है, जिसने इन राज्यों को ऊर्जा की आपूर्ति शुरू कर दी है।”

एनटीपीसी के प्रवक्ता विश्वनाथ चंदन ने कहा, ‘‘यह एनपीजीसी की वाणिज्यिक संचालन करने वाली तीसरी और अंतिम इकाई बन गई है। इसमें यूनिट एक और दो ने क्रमशः छह सितंबर 2019 और 22 जुलाई 2021 को वाणिज्यिक संचालन का दर्जा दिया गया था। इसके साथ ही एनपीजीसी की कुल उत्पादन क्षमता अब 1980 मेगावाट हो गई है जिसमें से बिहार को 1677 मेगावाट बिजली मिल रही है।’’

विस्तार

राज्य के स्वामित्व वाली एनटीपीसी लिमिटेड ने बुधवार को बिहार के औरंगाबाद जिले में अपनी सहायक नबीनगर पावर जनरेटिंग कंपनी (एनपीजीसी) की तीसरी और अंतिम 660 मेगावाट इकाई से वाणिज्यिक संचालन शुरू किया। नबीनगर इकाई के चालू होने से बिहार को एनटीपीसी से अतिरिक्त 559 मेगावाट बिजली मिलने लगी है।

राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि एनपीजीसी की इस इकाई से बिहार, उत्तरप्रदेश, झारखंड और सिक्किम जैसे लाभार्थी राज्यों को 660 मेगावाट तक बिजली मिलेगी। 

बयान के अनुसार बिहार को नबीनगर संयंत्र से उत्पन्न 84.8 प्रतिशत (559 मेगावाट) बिजली मिलने लगी है और इस इकाई की शेष बिजली उत्तर प्रदेश, झारखंड और सिक्किम को आवंटित की गई है। यूनिट का ट्रायल ऑपरेशन इस साल मार्च में सफलतापूर्वक किया गया था।

एनपीजीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आरके पांडे ने कहा, “एनपीजीसी की तीसरी इकाई से वाणिज्यिक संचालन की शुरुआत परियोजना को पूरा करने के लिए एक अंतिम कदम है। अब, यह एक पावर स्टेशन बन गया है, जिसने इन राज्यों को ऊर्जा की आपूर्ति शुरू कर दी है।”

एनटीपीसी के प्रवक्ता विश्वनाथ चंदन ने कहा, ‘‘यह एनपीजीसी की वाणिज्यिक संचालन करने वाली तीसरी और अंतिम इकाई बन गई है। इसमें यूनिट एक और दो ने क्रमशः छह सितंबर 2019 और 22 जुलाई 2021 को वाणिज्यिक संचालन का दर्जा दिया गया था। इसके साथ ही एनपीजीसी की कुल उत्पादन क्षमता अब 1980 मेगावाट हो गई है जिसमें से बिहार को 1677 मेगावाट बिजली मिल रही है।’’

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