Sex Racket Busted: पटना में पति-पत्नी चला रहे थे सेक्स रैकेट, पुलिस ने ग्राहक बनकर की रेकी, बचाई गईं बंगाल की दो लड़कियां

0
26


ख़बर सुनें

पटना के दीघा थाना क्षेत्र में पुलिस ने गुरुवार को एक सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्हें इस संबंध में स्थानीय लोगों से इनपुट मिला था। इसी आधार पर उन्होंने अपने एक अधिकारी को ग्राहक बनाकर भेजा। फिर दीघा थाना की पुलिस ने आजाद नगर के अमरूद्धी बागीचा स्थित एक मकान में छापेमारी की।

ऑफलाइन और ऑनलाइन तरीके से होती थी डील
उन्होंने बताया कि आरोपी पति-पत्नि ने सेक्स रैकेट चलाने के लिए मकान किराए पर लिया था। कस्टमर्स को लाने के लिए सेक्स रैकेट चलाने वालों ने दलाल के साथ ही व्हाट्सएप का सहारा लिया जाता था। ऑफलाइन और ऑनलाइन तरीके से लड़कियों के फोटो पहले कस्टमर्स को दिखाए जाते थे। इसके बाद दो-तीन हजार या इससे अधिक में डील तय होती थी।

कस्टमर्स को ठिकाने पर लाने का काम दलाल करता था। शराब के साथ ही जिन सामानों को अलग से उपलब्ध कराया जाता था, उसके लिए अलग से रुपये वसूल किए जाते थे। सेक्स रैकेट का यह गोरख धंधा पिछले कई दिनों से चल रहा था। लेकिन, किसी तरह इसकी जानकारी दीघा थाना की पुलिस को हुई। थानेदार राजकुमार पांडेय ने अपने एक अधिकारी को ग्राहक बनाकर धंधेबाजों के ठिकाने की रेकी कराई। उसके बाद पुलिस ने छापेमारी की।
 

दलाल गिरफ्तार, आरोपी पति-पत्नी फरार
जिस वक्त पुलिस ने छापेमारी की उस दरम्यान वहां दलाल विश्वजीत कुमार मौजूद था। उसे वहीं से गिरफ्तार कर लिया गया। विश्वजीत अरवल के किंजर के खैराडीह का निवासी है। यह कस्टमर्स को लाने का काम करता था। जबकि, सेक्स रैकेट को मधुकर सहाय अपनी पत्नी रूपा सहाय के साथ मिलकर चला रहा था। फिलहाल ये दोनों फरार हो गए हैं। मधुकर सहाय मूल रूप से मुजफ्फरपुर के मोतीझील के नया टोला का रहने वाला है। पुलिस की जांच में यह पता चला कि मधुकर ने झूठ बोलकर किराए पर कमरा लिया था। मकान मालिक को उसने खुद को एयरटेल का स्टाफ बताया था। छापेमारी के दौरान कमरे से आपत्तिजनक सामान बरामद किए गए।
 

नौकरी के नाम बंगाल की लड़कियों को दिया झांसा
मौके से पुलिस ने जिन दो लड़कियों का बचाया, उन्होंने बड़ा खुलासा किया है। दोनों लड़कियां पश्चिम बंगाल के कोलकाता की रहने वाली हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि नौकरी दिलाने की बात कहकर बिहार लाया गया था। इसके बाद नौकरी की जगह सेक्स रैकेट के धंधे में धकेल दिया गया। सेक्स रैकेट के धंधे में जरूरतमंद युवतियों को लगाया जाता है। उन्हें काम देने के बहाने पटना के ग्रामीण इलाकों के साथ ही कोलकाता से लाया जाता है। पुलिस फिलहाल फरार पति-पत्नी की तलाश कर रही है।

विस्तार

पटना के दीघा थाना क्षेत्र में पुलिस ने गुरुवार को एक सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्हें इस संबंध में स्थानीय लोगों से इनपुट मिला था। इसी आधार पर उन्होंने अपने एक अधिकारी को ग्राहक बनाकर भेजा। फिर दीघा थाना की पुलिस ने आजाद नगर के अमरूद्धी बागीचा स्थित एक मकान में छापेमारी की।

ऑफलाइन और ऑनलाइन तरीके से होती थी डील

उन्होंने बताया कि आरोपी पति-पत्नि ने सेक्स रैकेट चलाने के लिए मकान किराए पर लिया था। कस्टमर्स को लाने के लिए सेक्स रैकेट चलाने वालों ने दलाल के साथ ही व्हाट्सएप का सहारा लिया जाता था। ऑफलाइन और ऑनलाइन तरीके से लड़कियों के फोटो पहले कस्टमर्स को दिखाए जाते थे। इसके बाद दो-तीन हजार या इससे अधिक में डील तय होती थी।

कस्टमर्स को ठिकाने पर लाने का काम दलाल करता था। शराब के साथ ही जिन सामानों को अलग से उपलब्ध कराया जाता था, उसके लिए अलग से रुपये वसूल किए जाते थे। सेक्स रैकेट का यह गोरख धंधा पिछले कई दिनों से चल रहा था। लेकिन, किसी तरह इसकी जानकारी दीघा थाना की पुलिस को हुई। थानेदार राजकुमार पांडेय ने अपने एक अधिकारी को ग्राहक बनाकर धंधेबाजों के ठिकाने की रेकी कराई। उसके बाद पुलिस ने छापेमारी की।

 

दलाल गिरफ्तार, आरोपी पति-पत्नी फरार

जिस वक्त पुलिस ने छापेमारी की उस दरम्यान वहां दलाल विश्वजीत कुमार मौजूद था। उसे वहीं से गिरफ्तार कर लिया गया। विश्वजीत अरवल के किंजर के खैराडीह का निवासी है। यह कस्टमर्स को लाने का काम करता था। जबकि, सेक्स रैकेट को मधुकर सहाय अपनी पत्नी रूपा सहाय के साथ मिलकर चला रहा था। फिलहाल ये दोनों फरार हो गए हैं। मधुकर सहाय मूल रूप से मुजफ्फरपुर के मोतीझील के नया टोला का रहने वाला है। पुलिस की जांच में यह पता चला कि मधुकर ने झूठ बोलकर किराए पर कमरा लिया था। मकान मालिक को उसने खुद को एयरटेल का स्टाफ बताया था। छापेमारी के दौरान कमरे से आपत्तिजनक सामान बरामद किए गए।

 

नौकरी के नाम बंगाल की लड़कियों को दिया झांसा

मौके से पुलिस ने जिन दो लड़कियों का बचाया, उन्होंने बड़ा खुलासा किया है। दोनों लड़कियां पश्चिम बंगाल के कोलकाता की रहने वाली हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि नौकरी दिलाने की बात कहकर बिहार लाया गया था। इसके बाद नौकरी की जगह सेक्स रैकेट के धंधे में धकेल दिया गया। सेक्स रैकेट के धंधे में जरूरतमंद युवतियों को लगाया जाता है। उन्हें काम देने के बहाने पटना के ग्रामीण इलाकों के साथ ही कोलकाता से लाया जाता है। पुलिस फिलहाल फरार पति-पत्नी की तलाश कर रही है।

S

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here