Bharat Jodo Yatra: कांग्रेस का BJP विरोधी दलों को न्योता, क्या कुछ बड़ा होने वाला है यात्रा के दौरान!

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2024 की लड़ाई के लिए कांग्रेस पार्टी भारत जोड़ो यात्रा के साथ-साथ बड़े विपक्षी दलों को भी जोड़ने की कवायद कर रही है। इसके लिए बाकायदा पार्टी की ओर से देश के विपक्षी दलों को भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने के लिए न्योता भेजा जा रहा है। इस कड़ी में कांग्रेस ने आरजेडी को भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने का आधिकारिक तौर पर निमंत्रण भी दिया। जानकारों का कहना है कि आरजेडी ही नहीं बल्कि कांग्रेस पार्टी आने वाले दिनों में अपनी भारत यात्रा में कई प्रमुख विपक्षी दलों को शामिल करेगी। इस बात की भी चर्चा हो रही है कि नीतीश कुमार की प्रमुख विपक्षी दलों को जोड़ने की कवायद के समानांतर कांग्रेस भारत जोड़ो यात्रा के माध्यम से भी प्रमुख विपक्षी दलों को एक प्लेटफार्म पर लाने की कवायद कर रही है।

यात्रा को कई विपक्षी दलों का समर्थन

जानकारी के मुताबिक कांग्रेस के बिहार प्रभारी भक्त चरण दास के नेतृत्व में नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से मिला। यह मुलाकात कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने पार्टी आलाकमान के निर्देश पर की है। कांग्रेस से जुड़े एक वरिष्ठ नेता बताते हैं कि इस मुलाकात के दौरान तेजस्वी यादव को कांग्रेस नेताओं ने पार्टी की ओर से चल रही पदयात्रा में शामिल होने के लिए न्योता दिया है। इस दौरान कांग्रेस के नेताओं ने लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को भारत जोड़ो यात्रा के बारे में पूरी जानकारी भी दी। इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता बताते हैं कि भारत जोड़ो यात्रा को जिस तरीके से कई विपक्षी दलों का मजबूत समर्थन मिल रहा है वह बहुत कुछ इशारे कर रहा है। उनका कहना है कि कांग्रेस की विचारधारा के अलावा जो लोग भाजपा की नीतियों से सहमत नहीं है वह सभी लोग इस पदयात्रा का समर्थन कर रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सिर्फ आरजेडी ही नहीं, बल्कि देश के अन्य प्रमुख विपक्षी दलों को भी पार्टी की ओर से ऐसा ही न्योता भेजा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस पार्टी भारत जोड़ो अभियान के माध्यम से सभी विपक्षी दलों का एक बड़ा मंच बनाकर 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को टक्कर देने के लिए मंच तैयार कर रही है। सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग राज्यों की प्रमुख विपक्षी पार्टियां, जो कांग्रेस की विचारधाराओं से मेल खाती हैं, वे सभी कांग्रेस की इस यात्रा में शामिल होंगी। कांग्रेस की ओर से पूर्ण तैयारियां कर ली गई हैं। योजना के मुताबिक जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ती जाएगी कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग राजनीतिक दलों से मिलकर उन्हें यात्रा में शामिल होने का न्योता देते रहेंगे।

वोट बैंक और जनाधार बढ़ने का होगा फायदा

वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक एसएन तोमर कांग्रेस के इस कदम को नीतीश कुमार के विपक्षी दलों को जोड़ने वाले कदम से आगे का बताते हैं। तोमर कहते हैं कि जिस तरीके से नीतीश कुमार देश में सभी विपक्षी दलों को एक साथ जोड़ कर एक बड़ा सामूहिक मंच बना रहे हैं, ठीक वैसे ही कांग्रेस भी भारत जोड़ो यात्रा के माध्यम से जनता में अच्छी पैठ बनाने की कोशिश कर रही है। वह कहते हैं कि जब तक यह आधिकारिक रूप से घोषित न हो जाए कि जेडीयू की ओर से सभी विपक्षी दलों को जोड़ने के प्रयास में कांग्रेस भी उसी मंच पर पहुंच रही है, तब तक भारत जोड़ो यात्रा और कांग्रेस की इस नीति को अलग नजरिए से ही देखना चाहिए। वह कहते हैं कि निश्चित तौर पर कांग्रेस प्रमुख विपक्षी दल है, ऐसे में पार्टी अपना खेमा मजबूत कर रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कांग्रेस का अपना वोट बैंक और जनाधार तो निश्चित तौर पर बढ़ेगा। ऐसे में कांग्रेस की विचारधारा से मिलने वाले विपक्षी दलों का स्वागत भी करेंगे और उन्हें अपने इस अभियान में शामिल भी करेंगे।

राजनीतिक विश्लेषक जटाशंकर सिंह कहते हैं कि इस लिहाज यह कहना भी थोड़ा मुश्किल होगा कि नीतीश कुमार की ओर से बनाए जाने वाले विपक्षी दलों के सामूहिक मंच पर कांग्रेस शामिल ही होगी। उनका कहना है कि कांग्रेस जिस तरीके से मेहनत कर रही है ऐसे में वह दूसरी पार्टियों को आसानी से अपनी पार्टी के ऊपर हावी होने नहीं देगी। यही वजह है कि कांग्रेस भारत जोड़ो यात्रा के दौरान विपक्षी दलों को अपनी यात्रा में शामिल करने का न्योता दे रही है। ताकि कांग्रेस अपने साथ बड़े विपक्षी दलों को जोड़कर 2024 के चुनावों में मजबूती से मैदान में उतर सके।

विस्तार

2024 की लड़ाई के लिए कांग्रेस पार्टी भारत जोड़ो यात्रा के साथ-साथ बड़े विपक्षी दलों को भी जोड़ने की कवायद कर रही है। इसके लिए बाकायदा पार्टी की ओर से देश के विपक्षी दलों को भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने के लिए न्योता भेजा जा रहा है। इस कड़ी में कांग्रेस ने आरजेडी को भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने का आधिकारिक तौर पर निमंत्रण भी दिया। जानकारों का कहना है कि आरजेडी ही नहीं बल्कि कांग्रेस पार्टी आने वाले दिनों में अपनी भारत यात्रा में कई प्रमुख विपक्षी दलों को शामिल करेगी। इस बात की भी चर्चा हो रही है कि नीतीश कुमार की प्रमुख विपक्षी दलों को जोड़ने की कवायद के समानांतर कांग्रेस भारत जोड़ो यात्रा के माध्यम से भी प्रमुख विपक्षी दलों को एक प्लेटफार्म पर लाने की कवायद कर रही है।

यात्रा को कई विपक्षी दलों का समर्थन

जानकारी के मुताबिक कांग्रेस के बिहार प्रभारी भक्त चरण दास के नेतृत्व में नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से मिला। यह मुलाकात कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने पार्टी आलाकमान के निर्देश पर की है। कांग्रेस से जुड़े एक वरिष्ठ नेता बताते हैं कि इस मुलाकात के दौरान तेजस्वी यादव को कांग्रेस नेताओं ने पार्टी की ओर से चल रही पदयात्रा में शामिल होने के लिए न्योता दिया है। इस दौरान कांग्रेस के नेताओं ने लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को भारत जोड़ो यात्रा के बारे में पूरी जानकारी भी दी। इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता बताते हैं कि भारत जोड़ो यात्रा को जिस तरीके से कई विपक्षी दलों का मजबूत समर्थन मिल रहा है वह बहुत कुछ इशारे कर रहा है। उनका कहना है कि कांग्रेस की विचारधारा के अलावा जो लोग भाजपा की नीतियों से सहमत नहीं है वह सभी लोग इस पदयात्रा का समर्थन कर रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सिर्फ आरजेडी ही नहीं, बल्कि देश के अन्य प्रमुख विपक्षी दलों को भी पार्टी की ओर से ऐसा ही न्योता भेजा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस पार्टी भारत जोड़ो अभियान के माध्यम से सभी विपक्षी दलों का एक बड़ा मंच बनाकर 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को टक्कर देने के लिए मंच तैयार कर रही है। सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग राज्यों की प्रमुख विपक्षी पार्टियां, जो कांग्रेस की विचारधाराओं से मेल खाती हैं, वे सभी कांग्रेस की इस यात्रा में शामिल होंगी। कांग्रेस की ओर से पूर्ण तैयारियां कर ली गई हैं। योजना के मुताबिक जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ती जाएगी कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग राजनीतिक दलों से मिलकर उन्हें यात्रा में शामिल होने का न्योता देते रहेंगे।

वोट बैंक और जनाधार बढ़ने का होगा फायदा

वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक एसएन तोमर कांग्रेस के इस कदम को नीतीश कुमार के विपक्षी दलों को जोड़ने वाले कदम से आगे का बताते हैं। तोमर कहते हैं कि जिस तरीके से नीतीश कुमार देश में सभी विपक्षी दलों को एक साथ जोड़ कर एक बड़ा सामूहिक मंच बना रहे हैं, ठीक वैसे ही कांग्रेस भी भारत जोड़ो यात्रा के माध्यम से जनता में अच्छी पैठ बनाने की कोशिश कर रही है। वह कहते हैं कि जब तक यह आधिकारिक रूप से घोषित न हो जाए कि जेडीयू की ओर से सभी विपक्षी दलों को जोड़ने के प्रयास में कांग्रेस भी उसी मंच पर पहुंच रही है, तब तक भारत जोड़ो यात्रा और कांग्रेस की इस नीति को अलग नजरिए से ही देखना चाहिए। वह कहते हैं कि निश्चित तौर पर कांग्रेस प्रमुख विपक्षी दल है, ऐसे में पार्टी अपना खेमा मजबूत कर रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कांग्रेस का अपना वोट बैंक और जनाधार तो निश्चित तौर पर बढ़ेगा। ऐसे में कांग्रेस की विचारधारा से मिलने वाले विपक्षी दलों का स्वागत भी करेंगे और उन्हें अपने इस अभियान में शामिल भी करेंगे।

राजनीतिक विश्लेषक जटाशंकर सिंह कहते हैं कि इस लिहाज यह कहना भी थोड़ा मुश्किल होगा कि नीतीश कुमार की ओर से बनाए जाने वाले विपक्षी दलों के सामूहिक मंच पर कांग्रेस शामिल ही होगी। उनका कहना है कि कांग्रेस जिस तरीके से मेहनत कर रही है ऐसे में वह दूसरी पार्टियों को आसानी से अपनी पार्टी के ऊपर हावी होने नहीं देगी। यही वजह है कि कांग्रेस भारत जोड़ो यात्रा के दौरान विपक्षी दलों को अपनी यात्रा में शामिल करने का न्योता दे रही है। ताकि कांग्रेस अपने साथ बड़े विपक्षी दलों को जोड़कर 2024 के चुनावों में मजबूती से मैदान में उतर सके।

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