Bihar: बिहार सरकार राजगीर में बनाएगी जरासंध स्मारक, सीएम नीतीश कुमार ने किया एलान

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राजगीर में गंगाजल आपूर्ति योजना की शुरुआत करते सीएम नीतीश कुमार।
– फोटो : [email protected]

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विश्व प्रसिद्ध धर्मस्थल राजगीर के अंतरराष्ट्रीय कनवेंशन सेंटर में गंगाजल आपूर्ति योजना का शुभारंभ करते हुए जरासंध स्मारक बनाने की घोषणा की। नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार नालंदा जिले के प्राचीन शहर राजगीर में मगध नरेश जरासंध का स्मारक बनाएगी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ‘जरासंध का अखाड़ा’ (जरासंध का युद्ध का मैदान) के संरक्षित स्थल का ठीक से रखरखाव नहीं कर रहा है।

राजगीर में गंगाजल आपूर्ति योजना की शुरुआत
सीएम नीतीश कुमार ने रविवार को राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में गंगाजल आपूर्ति योजना की शुरुआत की। राजगीर में गंगा जल आपूर्ति योजना (जीडब्ल्यूएसएस) के उद्घाटन के मौके पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राजगीर शहर में अपनी जमीन पर जरासंध का एक स्मारक बनाने का फैसला किया है। यह ‘जरासंध का अखाड़ा’ के करीब होगा, जिसका रखरखाव एएसआई द्वारा ठीक से नहीं किया जा रहा है। मैंने उन्हें पहले भी कई बार बेहतर रखरखाव के लिए इस स्थल को राज्य सरकार को सौंपने के लिए कहा था। सीएम नीतीश ने कहा कि चूंकि एएसआई बिहार सरकार को संरक्षित स्थल सौंपने को तैयार नहीं है, इसलिए हमने इसके करीब एक स्मारक बनाने का फैसला किया है। 

हर घर में पहुंचेगा गंगाजल: सीएम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे खुशी है कि आज से राजगीर में गंगाजल की आपूर्ति शुरू हो गई है। 2019 में जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरुआत की गयी थी। इसको लेकर पहले ही सभी पार्टियों के साथ बैठक की गयी थी। उसी बैठक में जल-जीवन-हरियाली अभियान चलाने को लेकर निर्णय लिया गया था। उसी अभियान का पार्ट गंगाजल आपूर्ति योजना है। 

इस योजना के तहत राजगीर, गया, बोधगया और नवादा में गंगाजल की सप्लाई होगी। राजगीर में गंगाजल आपूर्ति योजना की शुरुआत हो गयी है। कल (सोमवार) गया में इसकी शुरुआत होगी। कुछ महीनों बाद नवादा में भी गंगाजल आपूर्ति योजना शुरू होगी। राजगीर के सभी घरों में गंगाजल पहुंचेगा। प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 135 लीटर गंगाजल की आपूर्ति की जायेगी। इस पानी से आपलोग खाना, पीना, नहाना और दूसरे अन्य काम भी कर सकते हैं। आपको पानी की जितनी जरूरत होगी, उतना पानी सभी घरों को मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना से एक घंटे में राजगीर पहुंचने की योजना हमने बना दी है, उस पर काम चल रहा है। गया से भी एक घंटे में राजगीर पहुंचने की योजना पर काम जारी है, आपलोगों से अपील है कि गंगाजल का सदुपयोग कीजियेगा। राजगीर बहुत पौराणिक और ऐतिहासिक जगह है। नई पीढ़ी के लोग भी यहां आएंगे और इसके बारे में जानेंगे-समझेंगे। आपलोगों की खुशी देखकर मुझे भी काफी खुशी हो रही है।

पुरातत्वविदों के अनुसार, राजगीर जरासंध की राजधानी थी। महाभारत में यह उल्लेख किया गया है कि यहीं पर भीम ने जरासंध के साथ युद्ध किया था और जरासंध के शरीर को दो भागों में चीर डाला और उन्हें फिर से जुड़ने से रोकने के लिए विपरीत दिशा में फेंक दिया था।

विस्तार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विश्व प्रसिद्ध धर्मस्थल राजगीर के अंतरराष्ट्रीय कनवेंशन सेंटर में गंगाजल आपूर्ति योजना का शुभारंभ करते हुए जरासंध स्मारक बनाने की घोषणा की। नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार नालंदा जिले के प्राचीन शहर राजगीर में मगध नरेश जरासंध का स्मारक बनाएगी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ‘जरासंध का अखाड़ा’ (जरासंध का युद्ध का मैदान) के संरक्षित स्थल का ठीक से रखरखाव नहीं कर रहा है।

राजगीर में गंगाजल आपूर्ति योजना की शुरुआत

सीएम नीतीश कुमार ने रविवार को राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में गंगाजल आपूर्ति योजना की शुरुआत की। राजगीर में गंगा जल आपूर्ति योजना (जीडब्ल्यूएसएस) के उद्घाटन के मौके पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राजगीर शहर में अपनी जमीन पर जरासंध का एक स्मारक बनाने का फैसला किया है। यह ‘जरासंध का अखाड़ा’ के करीब होगा, जिसका रखरखाव एएसआई द्वारा ठीक से नहीं किया जा रहा है। मैंने उन्हें पहले भी कई बार बेहतर रखरखाव के लिए इस स्थल को राज्य सरकार को सौंपने के लिए कहा था। सीएम नीतीश ने कहा कि चूंकि एएसआई बिहार सरकार को संरक्षित स्थल सौंपने को तैयार नहीं है, इसलिए हमने इसके करीब एक स्मारक बनाने का फैसला किया है। 

हर घर में पहुंचेगा गंगाजल: सीएम

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे खुशी है कि आज से राजगीर में गंगाजल की आपूर्ति शुरू हो गई है। 2019 में जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरुआत की गयी थी। इसको लेकर पहले ही सभी पार्टियों के साथ बैठक की गयी थी। उसी बैठक में जल-जीवन-हरियाली अभियान चलाने को लेकर निर्णय लिया गया था। उसी अभियान का पार्ट गंगाजल आपूर्ति योजना है। 

इस योजना के तहत राजगीर, गया, बोधगया और नवादा में गंगाजल की सप्लाई होगी। राजगीर में गंगाजल आपूर्ति योजना की शुरुआत हो गयी है। कल (सोमवार) गया में इसकी शुरुआत होगी। कुछ महीनों बाद नवादा में भी गंगाजल आपूर्ति योजना शुरू होगी। राजगीर के सभी घरों में गंगाजल पहुंचेगा। प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 135 लीटर गंगाजल की आपूर्ति की जायेगी। इस पानी से आपलोग खाना, पीना, नहाना और दूसरे अन्य काम भी कर सकते हैं। आपको पानी की जितनी जरूरत होगी, उतना पानी सभी घरों को मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना से एक घंटे में राजगीर पहुंचने की योजना हमने बना दी है, उस पर काम चल रहा है। गया से भी एक घंटे में राजगीर पहुंचने की योजना पर काम जारी है, आपलोगों से अपील है कि गंगाजल का सदुपयोग कीजियेगा। राजगीर बहुत पौराणिक और ऐतिहासिक जगह है। नई पीढ़ी के लोग भी यहां आएंगे और इसके बारे में जानेंगे-समझेंगे। आपलोगों की खुशी देखकर मुझे भी काफी खुशी हो रही है।

पुरातत्वविदों के अनुसार, राजगीर जरासंध की राजधानी थी। महाभारत में यह उल्लेख किया गया है कि यहीं पर भीम ने जरासंध के साथ युद्ध किया था और जरासंध के शरीर को दो भागों में चीर डाला और उन्हें फिर से जुड़ने से रोकने के लिए विपरीत दिशा में फेंक दिया था।



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