Bihar: वित्त मंत्री विजय कुमार का आरोप, केंद्र जारी नहीं कर रहा राज्य के हिस्से का पैसा

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केंद्र पर कल्याणकारी योजनाओं के लिए धन देने की अनिच्छा का आरोप लगाते हुए बिहार के वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी ने मंगलवार को कहा कि केंद्र राज्य के हिस्से का पैसा जारी नहीं कर रहा है। इसलिए राज्य सरकार को राजकोष पर बोझ कम करने के लिए फिलहाल खर्च पर नियंत्रण रखना होगा।

चौधरी ने बताया कि राज्य अपना उचित बकाया पाने के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नीत केंद्र सरकार योजनाओं पर राजनीति कर रही है। उसने बिहार के सामाजिक, शिक्षा और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में विभिन्न योजनाओं के लिए राज्य के हिस्से का धन देना बंद कर दिया है।

मंत्री ने दावा किया कि केंद्र ने चालू वित्त वर्ष में समग्र शिक्षा अभियान (एसएसए) के तहत अपने हिस्से का एक पैसा भी जारी नहीं किया है। मंत्री ने कहा कि सभी विभाग प्रमुखों को फिलहाल अपने अनावश्यक खर्च पर नियंत्रण रखने की सलाह दी गई है। अधिकारियों को उन योजनाओं की पहचान करने के लिए कहा गया है, जो अब प्रासंगिक नहीं हैं और जिन्हें बंद किया जा सकता है।

बिहार के विश्वविद्यालयों, मेडिकल कॉलेजों में होंगी 1176 नियुक्तियां
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित कैबिनेट की बैठक में 19 प्रस्तावों पर मुहर लगी। इससे बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों, पूर्णिया मेडिकल कॉलेज अस्पताल सहित विभिन्न विभागों में कुल 1176 पदों पर नियुक्तियों का रास्ता साफ हो गया है। बैठक में निर्णय लिया गया कि पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना, मुंगेर विश्वविद्यालय, मुंगेर, पूर्णिया विश्वविद्यालय, पूर्णिया और पटना विश्वविद्यालय, पटना में सहायक प्राध्यापक, सह प्राध्यापक और प्राध्यापक के लिए 370 पदों के साथ ही अन्य कर्मियों के 89 पदों यानी कुल 459 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसके अलावा दुष्कर्म एवं पॉक्सो के तहत विशेष न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीशों के 54 पदों के सृजन पर मुहर लगी।

बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के तहत सहायक अभियंता (विद्युत) के छह पदों के सृजन की स्वीकृति मिली। साथ ही जीएमसी, पूर्णिया में 100 एमबीबीएस सीटों वाले मेडिकल कॉलेज के लिए शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक पदों के लिए 423 पदों के लिए भी स्वीकृति मिली। इसमें मेडिकल कॉलेज के लिए 135 पद जबकि अस्पताल के लिए 288 पद शामिल हैं।

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केंद्र पर कल्याणकारी योजनाओं के लिए धन देने की अनिच्छा का आरोप लगाते हुए बिहार के वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी ने मंगलवार को कहा कि केंद्र राज्य के हिस्से का पैसा जारी नहीं कर रहा है। इसलिए राज्य सरकार को राजकोष पर बोझ कम करने के लिए फिलहाल खर्च पर नियंत्रण रखना होगा।

चौधरी ने बताया कि राज्य अपना उचित बकाया पाने के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नीत केंद्र सरकार योजनाओं पर राजनीति कर रही है। उसने बिहार के सामाजिक, शिक्षा और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में विभिन्न योजनाओं के लिए राज्य के हिस्से का धन देना बंद कर दिया है।

मंत्री ने दावा किया कि केंद्र ने चालू वित्त वर्ष में समग्र शिक्षा अभियान (एसएसए) के तहत अपने हिस्से का एक पैसा भी जारी नहीं किया है। मंत्री ने कहा कि सभी विभाग प्रमुखों को फिलहाल अपने अनावश्यक खर्च पर नियंत्रण रखने की सलाह दी गई है। अधिकारियों को उन योजनाओं की पहचान करने के लिए कहा गया है, जो अब प्रासंगिक नहीं हैं और जिन्हें बंद किया जा सकता है।

बिहार के विश्वविद्यालयों, मेडिकल कॉलेजों में होंगी 1176 नियुक्तियां

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित कैबिनेट की बैठक में 19 प्रस्तावों पर मुहर लगी। इससे बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों, पूर्णिया मेडिकल कॉलेज अस्पताल सहित विभिन्न विभागों में कुल 1176 पदों पर नियुक्तियों का रास्ता साफ हो गया है। बैठक में निर्णय लिया गया कि पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना, मुंगेर विश्वविद्यालय, मुंगेर, पूर्णिया विश्वविद्यालय, पूर्णिया और पटना विश्वविद्यालय, पटना में सहायक प्राध्यापक, सह प्राध्यापक और प्राध्यापक के लिए 370 पदों के साथ ही अन्य कर्मियों के 89 पदों यानी कुल 459 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसके अलावा दुष्कर्म एवं पॉक्सो के तहत विशेष न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीशों के 54 पदों के सृजन पर मुहर लगी।

बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के तहत सहायक अभियंता (विद्युत) के छह पदों के सृजन की स्वीकृति मिली। साथ ही जीएमसी, पूर्णिया में 100 एमबीबीएस सीटों वाले मेडिकल कॉलेज के लिए शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक पदों के लिए 423 पदों के लिए भी स्वीकृति मिली। इसमें मेडिकल कॉलेज के लिए 135 पद जबकि अस्पताल के लिए 288 पद शामिल हैं।

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